केंद्र हो या फिर ज्यादातर राज्य
बीजेपी जब से सत्ता में आयी है तब से हर समारोह को भव्य बनाकर टेक्स पेयर का पैसा उड़ाया जा रहा है।
जब किसी भी राज्य में बीजेपी का कोई मुख्यमंत्री शपथ लेता है उसमें केंद्र से प्रधानमंत्री से लेकर हर मंत्री राज्यों के मुख्यमंत्री उनके अट्ठे पट्ठे सरकारी विमानों हेलीकॉप्टरों से उस जगह पहुँचते हैं फिर पांचसीतारा होटलों में रुकते है सरकारी खर्चे से। समारोह होता है केवल 15 मिनिट का
उनकी अगवानी और ख़ातिरदारी में पूरा सरकारी महकमा लग जाता है आयोजन के लिए बड़े बड़े वातानुकूलित पांडाल शाही भोजन नाश्ते का आयोजन सरकारी खर्चे पर हो रहे हैं।
और तो और अब नामांकन भरने के लिए भी उसे इवेंट में तब्दील कर दिया जाता है।
और ये सब सरकारी पैसे से हो रहा है
और वो भी तब जबकि देश में प्रतिदिन किसान आत्महत्या कर रहे है बेरोजगारी से पढ़े लिखे युवा परेशान हैं।
क्या ये सभी सामारोह सादगी से नहीं हो सकते?
हमारे टैक्स का पैसा इस तरह बर्बाद होता देख बहुत दुख होता है।
ये किस तरह का चाल चरित्र चेहरा है।
ये किस तरह का बदलाव है।
जागो भारतीयो जागो
बीजेपी जब से सत्ता में आयी है तब से हर समारोह को भव्य बनाकर टेक्स पेयर का पैसा उड़ाया जा रहा है।
जब किसी भी राज्य में बीजेपी का कोई मुख्यमंत्री शपथ लेता है उसमें केंद्र से प्रधानमंत्री से लेकर हर मंत्री राज्यों के मुख्यमंत्री उनके अट्ठे पट्ठे सरकारी विमानों हेलीकॉप्टरों से उस जगह पहुँचते हैं फिर पांचसीतारा होटलों में रुकते है सरकारी खर्चे से। समारोह होता है केवल 15 मिनिट का
उनकी अगवानी और ख़ातिरदारी में पूरा सरकारी महकमा लग जाता है आयोजन के लिए बड़े बड़े वातानुकूलित पांडाल शाही भोजन नाश्ते का आयोजन सरकारी खर्चे पर हो रहे हैं।
और तो और अब नामांकन भरने के लिए भी उसे इवेंट में तब्दील कर दिया जाता है।
और ये सब सरकारी पैसे से हो रहा है
और वो भी तब जबकि देश में प्रतिदिन किसान आत्महत्या कर रहे है बेरोजगारी से पढ़े लिखे युवा परेशान हैं।
क्या ये सभी सामारोह सादगी से नहीं हो सकते?
हमारे टैक्स का पैसा इस तरह बर्बाद होता देख बहुत दुख होता है।
ये किस तरह का चाल चरित्र चेहरा है।
ये किस तरह का बदलाव है।
जागो भारतीयो जागो
