दिल्लीवासियों के हित में आप सरकार का फिर से बड़ा फैसला
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता की परेशानी को समझते हुए , फिर से एक बड़ा फैसला ले लिया है।
बरसों से चली आ रही पानी की समस्या पर सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए ,ऐलान किया कि
सरकार मानसून के पानी को इकट्ठा करने के लिए पॉइंट्स बनाएगी।
सभी सरकारी दफ्तरो में रैन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य होंगे ।
सरकार यमुना किनारे छोटे छोटे तालाब बनाएंगी।
पानी के लिए किसानों की जमीन किराये पर लेगी।
इस फैसले से ग्राउंड लेवल पर पानी का स्तर बढेगा ।
दिल्ली में पानी की माँग को पूरा करने के लिए और दिल्ली को पानी की आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अरविंद केजरीवाल की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है।
इस मॉनसून में टेस्ट करने के लिए यमुना नदी में *प्राकृतिक जल संग्रहण* किया जाएगा।
केजरीवाल ने इसके लिए यमुना की बाढ़ भूमि पर मेगा जल संरक्षण परियोजना को मंजूरी भी दे दी है।
*पानी का भंडारण* करने के लिए यमुना के मैदानों पर *छोटे तालाब* बनाए जाएंगे
केजरीवाल की सरकार *किसानों से किराए पर जमीन* लेगी
किराया तय करने के लिए 5 सरकारी अधिकारियों की एक कमेटी भी बना दी गई है।
सरकार ने अपने सभी सरकारी ईमारतों के लिए भी *वर्षा जल भंडारण* को जरूरी बनाने का फैसला कर लिया।
सभी विभागों को इमारतों में सिस्टम स्थापित करने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही इन्हें मॉनसून की बारिश से पहले साफ करना और तैयार रखना होगा ताकि बारिश के पानी को सही से इकट्ठा किया जा सके
जहाँ पूरा देश एक भयानक जल संकट की तरफ बढ़ रहा है, ऐसे में ये एक तारीफ वाला कदम है ।
क्योंकि, पानी सबको चाहिए ।
"ग्राउंड वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, बारिश के उस पानी को अगले वर्ष के लिये संचित करेंगे जो युमना में बह कर चला जाता था ।


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