ऐसे ही बैठे-बैठे सोचा ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो दिल्ली में बिजली के दाम तीन गुना हो गए होते ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो पानी मुफ्त नहीं मिल रहा होता ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो सरकारी स्कूल अब भी जर्जर पड़े होते ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो दिल्ली के प्राइवेट स्कूल अनाप-शनाप फ़ीस बढ़ा रहे होते ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो मोहल्ला क्लिनिक जैसी कोई चीज़ होती ही नहीं और छोटी-छोटी बीमारियों व जांच (टेस्ट) के लिए भी हजारो रुपये फूंक रहे होते ।
कुल मिलाकर बात ये है कि, अगर केजरीवाल नहीं होता तो शायद घर का बजट आज ₹10 से ₹12 हज़ार रुपए ज्यादा बनता ।
यही आम आदमी की बचत है ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो दिल्ली में बिजली के दाम तीन गुना हो गए होते ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो पानी मुफ्त नहीं मिल रहा होता ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो सरकारी स्कूल अब भी जर्जर पड़े होते ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो दिल्ली के प्राइवेट स्कूल अनाप-शनाप फ़ीस बढ़ा रहे होते ।
अगर केजरीवाल नहीं होता तो मोहल्ला क्लिनिक जैसी कोई चीज़ होती ही नहीं और छोटी-छोटी बीमारियों व जांच (टेस्ट) के लिए भी हजारो रुपये फूंक रहे होते ।
कुल मिलाकर बात ये है कि, अगर केजरीवाल नहीं होता तो शायद घर का बजट आज ₹10 से ₹12 हज़ार रुपए ज्यादा बनता ।
यही आम आदमी की बचत है ।

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