आज़ादी से लेकर आजतक नेताओं ने जनता के टैक्स के पैसे पर बहुत ऐश की है।
सांसदों को मिलने वाली सुविधाएं:-
₹1,00,000/- मासिक तनख्वाह
₹40,000/- भत्ता
₹70,000/- संसदीय क्षेत्र भत्ता
₹60,000/- ऑफिस भत्ता
₹16/- प्रति किलोमीटर के हिसाब से अनलिमिटेड यात्रा भत्ता
मुफ़्त हवाई यात्राएँ (परिवार सहित)
मुफ़्त फर्स्ट क्लास में रेल यात्राएं (परिवार सहित)
मुफ़्त सरकारी बँगला (नौकर-चाकर सहित)
मुफ़्त सरकारी आवास आने-जाने वाले परिचितों के लिए।
मुफ़्त 3 लैंडलाइन फ़ोन फ्री कॉलिंग के साथ।
मोबाइल भत्ता।
₹1,00,000/- फर्नीचर के लिए।
मुफ़्त इलाज सुविधा।
सोफे के कपड़े और पर्दे धुलवाने का भत्ता।
सस्ता खाना (₹12/- में डोसा, ₹35/- में शाकाहारी थाली, ₹60/- में तन्दूरी चिकन)
मुफ़्त गैस सिलेंडर (अनलिमिटेड)
और ये सब सुविधाएं बिना टैक्स कटौती के।
सांसद ना रहने के बाद भी ये राजा जैसा जीवन जीते हैं।
₹20,000/- महीने की पेंशन।
₹15,00/- महीने का भत्ता।
आजीवन मुफ़्त रेल यात्रायें परिवार सहित (AC कोच में)।
आजीवन मुफ़्त ईलाज़।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपके टैक्स के पैसे से हर साल ₹500 करोड़ सांसदों की सुविधाओं पर ख़र्च होता है यानि क़रीब ₹85,00,000/- (85 लाख) हर सांसद पर। इसका मतलब हुआ करीब ₹7,00,000/- महीना।
लेकिन जब केजरीवाल दिल्ली के लोगों को बिजली-पानी फ्री में देता है तो इन भाजपा वालों का विरोध शुरू हो जाता है।
अभी देखना, आगे-आगे भाजपा के नेता-सांसद आपको कहेंगे कि केजरीवाल तो जनता को मुफ्तखोरी की लत लगा रहा है।
बस आप लोग इतना बोल देना कि जिस दिन तुम सांसद लोग फ्री में मिल रही अपनी सारी सुविधाएं छोड़ दोगे तो उस दिन ये जनता भी छोड़ देगी।


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