कोरोना महामारी में मानवता दिखाए

ICMR की चेतावनी, भारतीय नही सूधरे तो भारत में "THIRD STEP"  यानी "कम्युनिटी ट्रान्शमिशन" की ङार्क स॔भावना।

WHO-ICMR की भारत सरकार को चेतावनी अगर भारत थर्ङ स्टेज यानी कम्यूनिटी ट्रांशमिशन मे जाता है तो भारत मे इसके गंभीर परिणाम होंगे।

क्यूं की भारतीय अभी तक ईसकी गंभीरता को नही समज रहे हैं।

ईश्वर से दुआ करो की भारत सेक॔ङ स्टेज मे ही रहे। सामाजिक दूरी और लोकडाउन से आगे का चक्र तोड़ने में हम कामयाब हो। और सभी मरीज जल्दी रिकवर करे।
इटली की जनसंख्या = 6 करोड़
स्वास्थ्य विभाग का रैंक पूरे विश्व में = नंबर 2
फिर भी हालात काबू से बाहर, प्रशासन ने हाथ खडे किये।

भारत की जनसंख्या = 133 करोड़
स्वास्थ्य विभाग का रैंक = नंबर 112
अब आप खुद अनुमान लगा सकते है, अगर यहां फैला तो क्या हालात हो सकते है।

जनता ही देश को बचा सकती है।
घर से बाहर ना निकलकर। बिना एमरजेंसी बिल्कुल बाहर न निकले।
सहयोग करे।
देखिए ऐसा है ....राशन तो 8 - 10  दिनों का सब ने कोशिश की ही है घर मे रखने की, ग्रोसरी स्टोर्स भी खुले हैं, सामान देर सवेर मिल ही जायेगा, क्योंकि भगवान की दया से हम सब इतने सम्पन तो हैं ही,

पर एक प्रार्थना है के plz अगर आप रोज़ 2 सब्जी बनाते हैं तो अब 1 बनाइये,
दाल हो सके तो थोड़ी पतली रखिये, कोशिश कीजिये चावल का एक दाना भी व्यर्थ ना हो, जितना ज़रूरत है उतना पकायें और अगर फिर भी बच जाए तो पहले उस बचे हुए खाने को खाये और ईश्वर को धन्यवाद दें के कम से कम मिल तो  रहा है....

सीमित खाइये, संयमित खाइये ......

 घर पर हैं तो हर घण्टे ये मत पूछिए सुनो, कुछ खाने को है क्या समय से खाइये, कम खाइये।

क्योंकि माना आपके पास पैसा है आप खरीद सकते हैं , आप 6 महीने तक का राशन स्टोर कर सकते हैं पर देश के पास संसाधन सीमित हैं .....

अपनी हाउस मेड को छुट्टी देने से पहले पूछ लेना अब क्या करोगी , कैसे करोगी , सामान स्टोर कर पाओगी , तो बोलती है, हमें अगर चावल खाने हैं तो तभी आधा किलो चावल खरीद कर लाते हैं , ₹10 रुपये का तेल ले आते हैं , दूध तो हम खरीदते ही नही , काम पर कोई चाय पिला देता है तो पी लेते हैं।

तो ऐसे भी लोग हैं , ऐसा ना हो हम सब कुछ अपने घरों में इकट्ठा कर लें और ऐसे लोगो को और ज्यादा मुश्किल हो जाये।

 अपने बारे में सोचिये पर दूसरों के बारे में भी सोचिये।

सबके लिए परीक्षा का समय है।


इतना बोला, पर क्या बोला प्रधानमंत्री ने

इतना बोला, इतना बोला, पर क्या बोला

सब कुछ जनता ने ही करना है , चार शब्द अपनी तैयारियों पर भी बता देते, सब जानते हैं कि यह सप्ताह क्रिटिकल है, इसके फेस 3 में आने की सम्भावना प्रबल है, कम्युनिटी स्प्रेड को पहचानने और रोकथाम के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाय जा रहे हैं, सारी दुनिया भारत में लो टेस्टिंग पर सवाल उठा रही है, बिना जांच किए भारत में कम रोगियों के लिए अपनी पीठ थपथपाना बंद करें।
कुछ लैब बढ़ाने की बात करते,  सैनिटेशन सफाई पर उठाए कदम पर बात करते , आर्थिक तौर पर ग्रस्त लोगों को कुछ आश्वासन देते ।
 नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे अंधविश्वास भरे इलाज से दूर रहने की बात करते,  रामनवमी की बात करते हुए उत्तर प्रदेश में कार्यक्रम आयोजन करने के लिए योगी जी को हल्का ही सही झिड़क देते ।

भाषण सुन ऐसा लगा मानो सरकार ने पल्ला झाड़  जनता से हाथ धो लिए हैं।

इतना बोला, पर क्या बोला प्रधानमंत्री ने


केजरीवाल सरकार के फैसले

कोरोना प्रतिबंध गरीबों को भयानक वित्तीय तनाव का कारण बनता है। उन्हें राहत प्रदान करने के लिए दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लिए गए फैसले।

1. 7 अप्रैल तक 8.5 लाख लाभार्थियों को ₹4000 रुपये ₹5000 पेंशन का भुगतान किया जाएगा।

2. 72 लाख लाभार्थियों को सामान्य अधिकारों की तुलना में 50% अधिक मात्रा के साथ मुफ्त राशन।

3. दिल्ली सरकार के सभी रैन बसेरों में प्रत्येक व्यक्ति को दोपहर और रात का भोजन मुफ्त में दिया जाएगा।

4. उन लोगों के लिए जिन्हें किराए पर लेने की आवश्यकता है और वे पेड होटल की सुविधा का विकल्प चुन रहे हैं, इसे और अधिक किफायती बनाने के लिए GST माफ किया जाएगा।

5. अप्रैल में बुजुर्गों, विधवाओं व दिव्यांगों को मिलेगी दोगुनी पेंशन।

6. 72 लाख दिल्ली वालों वालों को मिलेगा डेढ़ गुना राशन।

7. रैन बसेरों में खाना मुफ्त मिलेगा जहां कोई भी जा कर खा सकेगा।

8. जो लोग होटलों में #Quarantine है उनके बिल में #GST माफ।

@ArvindKejriwal

#DelhiFightsCorona

दिल्ली चुनाव परिणाम के बारे में कुछ बुद्धिजीवियों की सोच

कुछ बुद्धिजीवियों की दिल्ली चुनाव परिणाम के बारे में यह सोच है कि जाति, संप्रदाय और धार्मिक भेदभाव से ग्रस्त भारतीय जनमानस की सोच इतनी आत्मकेंद्रित है कि वह मुफ्त बिजली , पानी , राशन और मुफ्त शिक्षा तथा स्वास्थ सुविधाएं पाने से आगे कुछ सोच नहीं पाती हैं जबकि आजादी के बाद से देश के सभी नागरिकों के खान पान और रहन सहन का स्तर सुधरा है तथा देश में और भी बहुत सारी उन्नति तथा प्रगति हुई है ।
          यहां एक बात बहुत ग़ौरतलब है कि क्या देश के सभी नागरिकों की उन्नति समान रूप से हुई है कत्तयी नहीं ! एक बार पूर्व प्रधानमंत्री माननीय चरण सिंह से किसी पत्रकार ने पूछा कि आप की निगाह में किसको सबसे अच्छा प्रधानमंत्री माना जाना चाहिए तो उन्होंने कहा कि देखो सभी अपने अपने तरीके से अच्छा काम करते हैं लेकिन सबसे अच्छा वह है जो देश का इसप्रकार से विकास करे जिससे देश में अमीरी और ग़रीबी में बढ़ती आर्थिक असमानताओं को कम से कम किया जा सके । यह सब कैसे संभव है ? जब तक आपके पास पर्याप्त पैसा नहीं है आप कैसे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं कैसे गंभीर रोगों में अच्छा इलाज करा सकते हैं  ?बिजली-पानी एसे सभी का आप समुचित सुविधा जनक करने की हिम्मत नहीं जुटा सकते हैं तो यहीं पर जनमानस सरकार की तरफ देखता है कि उसके पास रोजगार , आय के साधन बढ़े । गरीब किसानों और मजदूरों तथा व्यापारियों की आमदनी बढ़े लेकिन जबतक देश उनके लिए एसे अवसर नहीं दे पा रहा है तब तक उनकी जिन्दगी आसान बनाने के लिए उनको मुफ्त में अच्छी शिक्षा , स्वास्थ , बिजली-पानी देने होंगे । जो लोग इसे मुफ्तखोरी कहते हैं वही वर्ग उस समय शांत रहता है जब अधिकारियों , सांसदों , विधायकों और मंत्रियों को अनावश्यक मुफ्त सुविधाएं मिलती हैं ।

भारतीय सेना 10 सर्वश्रेष्ठ अनमोल वचन



भारतीय सेना 10 सर्वश्रेष्ठ अनमोल वचन:

अवश्य पढें।
इन्हें पढकर सच्चे गर्व की अनुभूति होती है...

1.
"मैं तिरंगा फहराकर वापस आऊंगा या फिर तिरंगे में लिपटकर आऊंगा, लेकिन मैं वापस अवश्य आऊंगा।"
- कैप्टन विक्रम बत्रा,
  परम वीर चक्र

2.
"जो आपके लिए जीवनभर का असाधारण रोमांच है, वो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी है।"
- लेह-लद्दाख राजमार्ग पर साइनबोर्ड (भारतीय सेना)

3.
"यदि अपना शौर्य सिद्ध करने से पूर्व मेरी मृत्यु आ जाए तो ये मेरी कसम है कि मैं मृत्यु को ही मार डालूँगा।"
- कैप्टन मनोज कुमार पाण्डे,
परम वीर चक्र, 1/11 गोरखा राइफल्स

4.
"हमारा झण्डा इसलिए नहीं फहराता कि हवा चल रही होती है, ये हर उस जवान की आखिरी साँस से फहराता है जो इसकी रक्षा में अपने प्राणों का उत्सर्ग कर देता है।"
- भारतीय सेना

5.
"हमें पाने के लिए आपको अवश्य ही अच्छा होना होगा, हमें पकडने के लिए आपको तीव्र होना होगा, किन्तु हमें जीतने के लिए आपको अवश्य ही बच्चा होना होगा।"
- भारतीय सेना

6.
"ईश्वर हमारे दुश्मनों पर दया करे, क्योंकि हम तो करेंगे नहीं।"
- भारतीय सेना

7.
"हमारा जीना हमारा संयोग है, हमारा प्यार हमारी पसंद है, हमारा मारना हमारा व्यवसाय है।"
- अॉफीसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई

8.
"यदि कोई व्यक्ति कहे कि उसे मृत्यु का भय नहीं है तो वह या तो झूठ बोल रहा होगा या फिर वो इंडियन आर्मी का  ही होगा।"
- फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ

9.
"आतंकवादियों को माफ करना ईश्वर का काम है, लेकिन उनकी ईश्वर से मुलाकात करवाना हमारा काम है।"
- भारतीय सेना

10.
"इसका हमें अफसोस है कि अपने देश को देने के लिए हमारे पास केवल एक ही जीवन है।"

।।जयहिंद......
                  भारतीय थल सेना 

आम आदमी पार्टी घोषणा पत्र दिल्ली विधानसभा 2020









कोरोनावायरस - COVID - 19


कोरोना वायरस ने अब भारत मे भी दस्तक दिया

सावधानी
 सर्दी बिल्कुल नही होने दें ।
 जुकाम बुखार आते ही "क्रोसिन एडवांस" सुबह शाम को 1-1 गोली 2 बार लेवें। ●-●

कोरोना वायरस देश में दस्तक दे चुका हैं।

चॉकलेट , आइसक्रीम,  कोल्ड ड्रिंक,  कोल्ड कॉफी,  फास्ट फूड,  ठंडा दूध,  बासी मीठा दूध,  बड़ा पाव,  बेकरी की बनी चीजें,  पेस्टी, केक ये सब चीजें बंद करें। कम से अप्रैल माह तक जब तक की वातावरण का तापमान नहीं बढ़ जाता।

 रोकथाम विधि
 1. अपने गले को नम रखना।
2. गला सूखने जैसा हो तो तुरत पानी पिएं।
3. जितना हो सके गुनगुने पानी में नींबू निचोड़ कर पियें,आंवले का सेवन करें। मतलब विटामिन-C का अधिकाधिक प्रयोग करें।
4. 1 कप गर्म दूध में चुटकी भर हल्दी पाउडर डाल कर चाय की तरह कम से कम 2 बार रोज सेवन करें।
5. किसी से भी हाथ मिलाने से परहेज करें।
6. हाथों को हमेशा धोएं
7. सर्दी,जुकाम वाले व्यक्ति के सम्पर्क से बचने की कोशिश करें या मास्क लगा कर मिलें।

लक्षण / विवरण इस प्रकार  हैं ।
1. तेज बुखार
2. बुखार के बाद खांसी का आना
3. वयस्क आमतौर पर असहज महसूस करते हैं,
4. सिरदर्द और मुख्य रूप से श्वसन संबंधित

उपचार से बेहतर है बचाव!

कोरोना वायरस अब भारत मे भी दस्तक दिया। सावधानी जरूर बरते।

1- मांसाहारी भोजन से बचे।
2 - भीड़ -भाड़ जगहों पर जाने से बचे।
3 - मास्क का प्रयोग करें।
4 - बार-बार साबुन से हाथ धोएं।
5 - सेनेटाइजर का प्रयोग करें ।
6 - जुखाम,खाँसी या तेज बुखार वाले  से कम से कम 2 से 3 मीटर की दूरी बरते तथा मास्क का प्रयोग करें एवं शीघ्र डॉक्टर से परामर्श लेने का सलाह दें।
7- जुखाम, खाँसी, या तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
8 - गिलोय, तुलसी, काली मिर्च वाली काढ़ा कम से कम सुबह-शाम पीना प्रारम्भ कर दें, ताकि शरीर का प्रतिरोधक क्षमता ठीक रहें।
9 - प्रत्येक दिन साबुन से अच्छे तरीका से स्नान करें तथा साफ कपड़ा पहने तथा घर के सभी सदस्यों को ऐसा करने के लिय परामर्श दें तथा कराएं।
10 - मोबाइल हर जगह न रखें, सिंगल हैंडेड प्रयोग अनिवार्य है।
11 - संभव हो तो घर मे लग रहे पोछा के पानी मे 2 प्रतिशत IPA डाल कर पोछा लगाएं।
12 - बिना हाथ धोय, हाथ यानी उंगली को मुह के अंदर न डालें।
13 - प्लास्टिक सतह पर इस वायरस की लाइफ 7 से 8 दिन होती है, हो सके तो प्लास्टिक हटाने लायक हो तो घरों से हटा दें।
14 - बाहर के कोई भी पके सामग्री को खाने से बचे।
15 - साग, सब्जी को सही ढंग से धोने के बाद ही प्रयोग करें।
16 -  जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, यह वायरस असुरक्षित होता जाएगा, 35 डिग्री सेंटीग्रेट के ऊपर इसकी जीवन दर काफी तेजी से गिरता  जाता है।

यह सिर्फ सावधानियां है, जिससे बचा जा सकता है, उपरोक्त लक्षण मिलने पर शीघ्र शिक्षित डॉक्टर से संपर्क करें। लापरवाही बिल्कुन न करें।

1) इस वायरस का आकार 400 से 500 माइक्रोन होता तो कोई भी मस्क इसे रोक सकता है। ज्यादा कीमत का मास्क लेने की जरूरत नहीं।

2) यह वायरस हवा में नहीं रहता , यह किसी वस्तु पर य किसी जीव पर ही एक जगह से दूसरी जगह जाता है।
इसलिए यह हवा से नहीं फैलता।

3)यह वायरस धातु पर पड़ा हो तो 12 घंटों तक ही जीवित रहता है, किसी ऐसी संक्रमित धातु को छूने के बाद साबुन और पानी से अच्छे तरह हाथ धोएं।

4) कपड़ों पर यह वायरस 9 घंटों तक रहता है, कपड़ों को अच्छे तरह साबुन से धोएं और धूप में सूखने से मकसद पूरा होता है।

5) हाथों पर यह वायरस 10 मिनट तक रहता है, इसलिए एल्कोहोल स्ट्रिलाइजर को लगाकर बचाव करे , जेब में रखने की आदत डाले।

6) यह वायरस 26 से 27 डिग्री तापमान पर आने मर जाता है, इसलिए गर्म पानी पिएं, और सूरज की धूप लेे , आइस्क्रीम और ठंडे प्रदार्थ खाने से परहेज़ करें।

7) गर्म नमक के पानी से गरारे करें , यह वायरस को फेफड़ों तक पहुंचने से रोकता है।

8) भीड़ भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें ।

इन सभी बातों का पालन करें और कोरोना से बचें।

 दैनिक जीवन में सतह संपर्क बिंदुओं की एक सूची साझा करना, जहां कई या अज्ञात लोग संपर्क करते हैं। वायरस मुख्य रूप से सतहों से फैल रहा है, और कथित तौर पर मेजबान के बाहर कम से कम 9 घंटे रहता है।

1. सुबह दूध की थैलियाँ।
2. लिफ्ट बटन।
3. दरवाजे की घंटी।
4. समाचार पत्र।
5. धोने के बाद कार का दरवाजा।
6. कचरा हाउसकीपिंग स्टाफ के साथ विनिमय कर सकता है (हाउसिंग सोसायटी में उनके प्रवेश, और घर से घर तक आवाजाही)।
7. कच्ची सब्जी और फल खरीदे गए।
8. दुकान काउंटर।
9. ऑफिस पेंट्री, लंचरूम, वॉशरूम और डोर हैंडल।
10. बगीचे की सीटें।
11. प्ले क्षेत्र झूलों, आदि (हालांकि एक अज्ञात कारण के लिए, छोटे बच्चे कम प्रभावित होते हैं)
12. घर में कई सतहों को छूने वाले नौकरानियां।
13. सभी दरवाजे के हैंडल।
14. डिलीवरी बॉयज़ के पैकेट - अमेज़न, स्विगी, आदि।
15. कोई भी शॉपिंग पैकेट।
16. मुद्रा नोट और सिक्के।
17. उबर, ऑटो, आदि।
18. बस और ट्रेन के हैंडल
19. जूते, आदि, जो थूक पर कदम रख सकते हैं।
20. यदि हवाई यात्रा करते हैं, तो प्रस्थान टर्मिनल से आगमन टर्मिनल तक कई बिंदु हैं।

भारत ने संभावित रूप से छूत के ऊपर वाले हिस्से पर चोट की है, और अगले 2- 4 सप्ताह में सावधानियां बहुत महत्वपूर्ण हैं।

   व्यक्तिगत देखभाल
1. बहुत सारी ताजी हवा और धूप लें
2. ढेर सारा पानी पिएं और अच्छी तरह से खाएं।
3. साफ और धुले हुए कपड़े ही पहनें
4. कम बात करें।
5. यदि संभव हो तो अपने चेहरे को स्पर्श न करें, यदि संभव हो तो स्पीकर मोड पर फोन का उपयोग करें।

यह केवल एक अनुरोध है।


श्री रामचरितमानस की 8 दिव्य चौपाइयां

 श्री रामचरितमानस की 8 दिव्य चौपाइयां