हम लोग जब किसी की शादी के रिसेप्शन में जाते है तो लिफाफा (कवर) शगुन के रूप में जरूर देते है पर जब अपना कोई अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहा होता और हम देखने जाते है तब कोई लिफाफा हम नही ले जाते जबकि जबकि उस वक्त मरीज़ को सबसे ज्यादा
पैसों की जरूरत होती है।
क्या हम सब मिल कर एक नया रिवाज़ सहयोग के रूप में शुरू कर सकते है।


No comments:
Post a Comment