योग आसन

योग आसन

योग आसन स्वास्थ्य साधन
योगासन के बहुत हैं लाभ।

तन मन रख्खे निर्विकार
करें रोज "सूर्य नमस्कार"

अंतर्मन मे हो अनुशासन
जब करते हम "पद्मासन"

भोजन का हो अच्छा पाचन
करें नित्य हम "वज्रासन"

करें फेफड़े अच्छा काम
रोज करेंगे "प्राणायाम"

ओज से मस्तक दमकाती
बड़े काम की "कपालभाति"

स्नायुओं मे रहे तरी
जब हो गुंजित "भ्रामरी"

लंबाई का पाता धन
नित्य करें जो "ताड़ासन"

रीढ़ मे आए लचीलापन
करलो भैय्या "हल आसन"

सर्व अंग पुष्टि का साधन
होता है "सर्वांगासन

जोड़ों का अच्छा संचालन
करते जब हम "गरुड़ासन

उदर अंगो का हो नियमन
जब हम करें "मयूरासन"

याद दाश्त होती अनुपम
जो नित करता "शीर्षासन"

कमर लचीली का कारण
बनता है "त्रिकोणासन"

चौड़ी छाती का साधन
रोज लगाओ "दण्डासन"

मन का होता शुद्धि करण
जब लगता है "सिद्धासन"

हो थकान का पूर्ण शमन
अंत मे कर लो "शवासन"

और अंत मे रख लो याद
"नियम" बिन बने न बात

करें योग का नित्य प्रयोग
दूर रहेंगे सारे "रोग"
आदि व्याधि से न होंगें त्रस्त
तन मन होगा पूर्ण "स्वस्थ"

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