सत्य और अहिंसा के प्रतीक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनके जन्मदिवस पर शत-शत नमन।
महात्मा गांधी आज अधिक प्रासंगिक हैं। आज महात्मा गांधी की जयंती है । 2 अक्टूबर 1869 में एक साधारण बालक की तरह जन्मे मोहनदास और सत्य, अहिंसा के बल पर सदियों से परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े भारत को आज़ादी दिलाने वाले 30 जनवरी 1948 को हत्या के शिकार हुए महात्मा गांधी की जीवन यात्रा केवल शारीरिक उम्र की यात्रा नहीं बल्कि विचार की यात्रा , भारत की आत्मा की यात्रा रही।
गांधी शरीर नही विचार हैं । सत्य अहिंसा,स्वावलंबन,स्वदेशी,राष्ट्रप्रेम स्वच्छता,फकीरी ,शब्द नही जीवनशैली है जिन्हें बोलना नही अपनाना चाहिए ,जिसकी आज के भारत को अधिक आवश्यकता है। सादर नमन !




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