पराली से दिल्ली में वायु प्रदूषण
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसी का नतीजा है कि दिल्ली पूरे देश का इकलौता प्रदेश है जहां पर पिछले दिनों प्रदूषण 25% कम हुआ।
अभी आप सब देख रहे हैं कि दिल्ली में प्रदूषण स्तर फिर से बढ़ रहा है। जिसका मुख्य कारण भाजपा और कांग्रेस द्वारा शासित हरियाणा और पंजाब में जलाई जा रही पराली है, पिछले साढे 4 सालों से अरविंद केजरीवाल जी लगातार भाजपा और कांग्रेस की हरियाणा और पंजाब सरकारों से अपील कर रहे हैं की वहां की सरकारें पराली को जलाने पर नियंत्रण करें ताकि दिल्ली के अंदर प्रदूषण स्तर को कम किया जा सके पर दोनों सरकारों ने इस संबंध में कुछ भी नहीं किया।
पराली जलाने की घटनाएं पिछले चार दिनों में पंजाब में बढ़ने से दिल्ली धुंध के घेरे में आ गई हैं। दिल्ली में 11 अक्टूबर से हवा की गुणवत्ता में गिरावट ने पर्यावरण संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि नौ अक्टूबर के बाद पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी से हुये इजाफे के कारण रविवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 245 पर पहुंच गया।
उल्लेखनीय है कि शून्य से 50 अंक के बीच सूचकांक को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी का माना जाता है। इस बीच, 10 अक्टूबर को नासा की उपग्रह आधारित तस्वीरों के आधार पर पंजाब में आग लगाए जाने वाले 23 स्थानों को चिन्हित किया गया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पिछले चार दिन में दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में तेजी से हुई गिरावट पर दुख व्यक्त करते हुए रविवार को कहा,'प्रदूषण के मोर्चे पर अब तक की मेहनत से जो कुछ हासिल किया था, वह सब शून्य साबित हो जाएगा।' पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी के हवाले से केजरीवाल ने कहा,'अब दिल्ली के लिए हमें बहुत कुछ करने की जरूरत है और हम इसके लिए भरपूर कोशिश भी कर रहे हैं। लेकिन पराली जलाने से रोकने के लिए अन्य एजेंसियों को भी एकजुट होकर काम करने की जरूरत है।'
दिल्ली के सभी पड़ोसी राज्यों में किसानों को पराली जलाने के विकल्प मुहैया कराए जाने और निगरानी तंत्र मजबूत बनाने चाहिए । दिल्ली के पड़ोसी राज्यो में पराली जलाने के कारणों पर सख्त निगरानी तेज कर दी है।
दिल्ली में छायी धुंध, हवा की गुणवत्ता हुई खराब ।
सर्दियों का मौसम शुरू होने से पहले ही रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर धुंध छा गई। साथ ही, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता और खराब हो गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 245 पर पहुंच गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में करनाल जिले के अलीपुर खालसा (351) और पानीपत (339) में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' हो गई। शनिवार को, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में पराली के जलने से निकलने वाला धुआं दिल्ली पहुंचने लगा है और हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है। उन्होंने कहा,'व्यापक रूप से यह बात सामने आई है कि दिल्ली में आने वाला धुआं हरियाणा के करनाल में पराली जलने के कारण आता है।' केंद्र सरकार द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (सफर) ने कहा कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं 15 अक्टूबर तक दिल्ली के प्रदूषण का छह फीसदी हिस्सा बन जाएगा। 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' के 10 सदस्यीय कार्य बल ने शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं और दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर एक बैठक आयोजित की थी। दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार कई उपाय अपनाने की तैयारी में है।































