रोचक तथ्य


रोचक तथ्य
1.  चीनी को जब चोट पर लगाया जाता है, दर्द तुरंत कम हो जाता है...
2.  जरूरत से ज्यादा टेंशन आपके दिमाग को कुछ समय के लिए बंद कर सकती है...
3. 92% लोग सिर्फ हस देते हैं जब उन्हे सामने वाले की बात समझ नही आती...
4. बतक अपने आधे दिमाग को सुला सकती हैंजबकि उनका आधा दिमाग जगा रहता....
5. कोई भी अपने आप को सांस रोककर नही मार सकता...
6. स्टडी के अनुसार : होशियार लोग ज्यादा तर अपने आप से बातें करते हैं...
7. सुबह एक कप चाय की बजाए एक गिलास ठंडा पानी आपकी नींद जल्दी खोल देता है...
8. जुराब पहन कर सोने वाले लोग रात को बहुत कम बार जागते हैं या बिल्कुल नही जागते...
9. फेसबुक बनाने वाले मार्क जुकरबर्ग के पास कोई कालेज डिगरी नही है...
10. आपका दिमाग एक भी चेहरा अपने आप नही बना सकता आप जो भी चेहरे सपनों में देखते हैं वो जिदंगी में कभी ना कभी आपके द्वारा देखे जा चुके होते हैं...
11. अगर कोई आप की तरफ घूर रहा हो तो आप को खुद एहसास हो जाता है चाहे आप नींद में ही क्यों ना हो...
12. दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड 123456 है.....
13. 85% लोग सोने से पहले वो सब सोचते हैं जो वो अपनी जिंदगी में करना चाहते हैं...
14. खुश रहने वालों की बजाए परेशान रहने वाले लोग ज्यादा पैसे खर्च करते हैं...
15. माँ अपने बच्चे के भार का तकरीबन सही अदांजा लगा सकती है जबकि बाप उसकी लम्बाई का...
16. पढना और सपने लेना हमारे दिमाग के अलग-अलग भागों की क्रिया है इसी लिए हम सपने में पढ नही पाते...
17. अगर एक चींटी का आकार एक आदमी के बराबर हो तो वो कार से दुगुनी तेजी से दौडेगी...
18. आप सोचना बंद नही कर सकते.....
19. चींटीयाँ कभी नही सोती...
20. हाथी ही एक एसा जानवर है जो कूद नही सकता...
21. जीभ हमारे शरीर की सबसे मजबूत मासपेशी है...
22. नील आर्मस्ट्रांग ने चन्द्रमा पर अपना बायां पाँव पहलेरखा था उस समय उसका दिल 1 मिनट में 156 बार धडक रहा था...
23. पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण बल के कारण पर्वतों का 15,000मीटर से ऊँचा होना संभव नही है...
23. शहद हजारों सालों तक खराब नही होता..
24. समुंद्री केकडे का दिल उसके सिर में होता है...
25. कुछ कीडे भोजन ना मिलने पर खुद को ही खा जाते है....
26. छींकते वक्त दिल की धडकन 1 मिली सेकेंड के लिए रूक जाती है...
27. लगातार 11 दिन से अधिक जागना असंभव है...
28. हमारे शरीर में इतना लोहा होता है कि उससे 1 इंच लंबी कील बनाई जा सकती है.....
29. बिल गेट्स 1 सेकेंड में करीब 12,000 रूपए कमाते हैं...
30. आप को कभी भी ये याद नही रहेगा कि आपका सपना कहां से शुरू हुआ था...
31. हर सेकेंड 100 बार आसमानी बिजली धरती पर गिरती है...
32. कंगारू उल्टा नही चल सकते...
33. इंटरनेट पर 80% ट्रैफिक सर्च इंजन से आती है...
34. एक गिलहरी की उमर,, 9 साल होती है...
35. हमारे हर रोज 200 बाल झडते हैं...
36. हमारा बांया पांव हमारे दांये पांव से बडा होता हैं...
37. गिलहरी का एक दांत  हमेशा बढता रहता है....
38. दुनिया के 100 सबसे अमीर आदमी एक साल में इतना कमा लेते हैं जिससे दुनिया
की गरीबी 4 बार खत्म की जा सकती है...
39. एक शुतुरमुर्ग की आँखे उसके दिमाग से बडी होती है...
40. चमगादड गुफा से निकलकर हमेशा बांई तरफ मुडती है...
41. ऊँट के दूध की दही नही बन सकता...
42. एक काॅकरोच सिर कटने के बाद भी कई दिन तक जिवित रह सकता है...
43. कोका कोला का असली रंग हरा था...
44. लाइटर का अविष्कार माचिस से पहले हुआ था...
45. रूपए कागज से नहीं बल्कि कपास से बनते है...
46. मनुष्य के दिमाग में 80% पानी होता है.
47. मनुष्य का खून 21 दिन तक स्टोर किया जा सकता है...
48. फिंगर प्रिंट की तरह मनुष्य की जीभ के निशान भी अलग-अलग होते हैं...

विश्व का सामान्य ज्ञान

विश्व का सामान्य ज्ञान

1. विश्व में भारत के अलावा 15 अगस्त को ही स्वतन्त्रता दिवस और किस देश में मनाया जाता है?
:- कोरिया में

2.  विश्व का ऐसा कौन सा देश है जो आज तक किसी का गुलाम नहीं हुआ?
:- नेपाल

3.  yy पुराना समाचार पत्र कौन सा है?
:- स्वीडन आफिशियल जनरल (1645 में प्रकाशित)

4. विश्व में कुल कितने देश हैं?
:- 353

5. विश्व में ऐसा कौन सा देश है जहाँ के डाक टिकट पर उस देश का नाम नहीं होता?
:- ग्रेट ब्रिटेन

7. विश्व की सबसे बड़ी मस्जिद कौन सी है?
:- अलमल्विया (इराक)

8. विश्व का किस देश में कोई भी मंदिर नहीं है?
:- सउदी अरब

9 विश्व का सबसे बड़ा महासागर कौन सा है?
:- प्रशांत महासागर

10. विश्व में सबसे बड़ी झील कौन सी है?
:- केस्पो यनसी (रूस में)

11. विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप कौन सा है?
:- एशिया

12. विश्व की सबसे बड़ी दीवार कौन सी है?
:- ग्रेट वाल ऑफ़ चायना (चीन की दीवार)

13. विश्व में सबसे कठोर कानून वाला देश कौन सा है?
:- सउदी अरब

14. विश्व के किस देश में सफेद हाथी पाये जाते हैं?
:- थाईलैंड

15. विश्व में सबसे अधिक वेतन किसे मिलता है?
:- अमेरिका के राष्टपति को

16. विश्व में किस देश के राष्टपति का कार्यकाल एक साल का होता है?
:- स्विट्जरलैंड

17. विश्व की सबसे बड़ी नदी कौन सी है?
:- नील नदी(6648 कि.मी.)

18. विश्व का सबसे बड़ा रेगिस्तान कौन सा है?
:- सहारा (84,00,000 वर्ग कि.मी., अफ्रीका में)

19. विश्व की सबसे मँहगी वस्तु कौन सी है?
:- यूरेनियम

20. विश्व की सबसे प्राचीन भाषा कौन सी है?
:- संस्कृत

21. शाखाओं की संख्या की दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा बैंक कौन सा है?
:- भारतीय स्टेट बैंक

22. विश्व का ऐसा कौन सा देश है जिसने कभी किसी युद्ध में भाग नहीं लिया?
:- स्विट्जरलैंड

23. विश्व का का कौन सा ऐसा देश है जिसके एक भाग में शाम और एक भाग में दिन होता है?
:- रूस

24. विश्व का सबसे बड़ा एअरपोर्ट कौन सा है?
:- टेक्सास का फोर्थ बर्थ (अमेरिका में)

25. विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर कौन सा है?
:- टोकियो

26. विश्व की लम्बी नहर कौन सी है?
:- स्वेज नहर (168 कि.मी. मिस्र में)

27. विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य कौन सा है?
 :- महाभारत.

रोचक जानकारी

  रोचक जानकारी

1. विश्व का सबसे अमीर देश स्विटजरलैंड है।
2. सऊदी अरब मेँ एक भी नदी नही है।
3. विश्व का सबसे दानी आदमी अमेरिका का राकफेलर है जिसने अपने जीवन मेँ सार्वजनिक हित के लिए 75 अरब रुपए दान मेँ दे दिए।
4. सबसे महँगी वस्तु यूरेनियम है।
5. दक्षिण ऑस्ट्रेलिया मेँ आयार्स नामक पहाडी
प्रतिदिन अपना रंग बदलती है।
6. विश्व मेँ रविवार की छुट्टी 1843 से शुरु हुई थी।
7. सारे संसार मेँ कुल मिलाकर 2792 भाषाएँ हैं।
8. फ्रांस ऐसा देश है जहां मच्छर नहीं होते हैं।
9. दक्षिण अफ्रीका में कोबरा नामक वृक्ष के पास इंसान के जाते ही उसकी डालियाँ उसे जकड लेती है और तब तक नही छोड़ती जब तक वो प्राण ना त्याग दे ।
10. नार्वे देश में सूरज आधी रात में चमकता हैं।

साइकिल को अपना लें

बस एक साल लोग साइकिल को अपना लें
तो
1-सरकार को मालूम पडेगा कैसे अर्थव्यवस्था होती है
जनता की छाती पर ।
2 - गाड़ी कंपनी बर्बाद हो जायेंगी लोगों का पैसा बचेगा ।
3- तेल कंपनियों का कचूमर निकल जायेगा आपका पैसा बचेगा ।
4 - वीमा कंपनी जो हर साल हराम का लेती है वो आपका पैसा बचेगा ।
5- पोलूशन कंपनी भी घाटे में जायेगी आपका पैसा बचेगा ।
6- ट्रैफिक पुलिस की जेब फटी हुई मिलेंगी आपका पैसा बचेगा ।
7- आपका शरीर जिम के पैसे बचाकर भी स्वस्थ रहेगा ।
8- वीपी कोलेस्ट्रॉल से छुटकारा मिलेगा ।
9- शुगर नोरमल रहेगा ।
10- हड्डी मजबूत रहेंगी

सब तरफ से पब्लिक को फायदा होगा ।
और एक साल में उपरोक्त सभी के होश ठिकाने पर आ जायेंगे ।

जनता का दर्द है ये जनता को ही मिटाना होगा ।

नवरात्रि की शुभकामनाएं


सभी देशवासियों को नवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

शक्ति की उपासना के पावन पर्व नवरात्रि की आप सभी को बहुत-बहुत बधाई। मां दुर्गा हम सबके जीवन में नई ऊर्जा, नई उमंग और नए उत्साह का संचार करें। जय अंबे जगदंबे मां!

माँ जगदम्बा इसी तरह सभी देशवासियों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखें, यही प्रार्थना करता हूँ।


"सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके
शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते"

मां आप सभी के जीवन मे अपार खुशियाँ लाये ।

शहीद-ए-आजम भगत सिंह



महान क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन।
 उनका जीवन और बलिदान हर हिंदुस्तानी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

“मेरा एक ही धर्म है, और वो है देश की सेवा करना” : भगत सिंह

इंक़लाब ज़िंदाबाद !




आपकी सरकार आपके द्वार



दुनिया का सबसे बड़ा काम "आपकी सरकार आपके द्वार" कॉल करे 1076 पर
 राजस्व विभाग के कार्य
1 आय प्रमाण पत्र जारी करना
2 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक के रूप में नामांकन
3 भूमि की स्थिति रिपोर्ट जारी करना
4 अधिवास प्रमाण पत्र जारी करना
5 विलंबित जन्म आदेश जारी करना
6 विलंबित मृत्यु आदेश जारी करना
7 लाल डोरा प्रमाण पत्र जारी करना 
8 विकलांगों के लिए स्थायी पहचान पत्र जारी करना
9 जाति (ओबीसी) प्रमाण पत्र जारी करना
10 जाति (एसटी) प्रमाण पत्र जारी करना
11 जाति (एससी) प्रमाण पत्र जारी करना
12 जीवित सदस्य प्रमाण पत्र जारी करना
13 "सॉल्वेंसी ( करदानक्षमता ) सर्टिफिकेट जारी करना"
14 विवाह का पंजीकरण
15 आरओआर जारी करना

 श्रम विभाग  के कार्य
1 स्वीकृति यात्री लिफ्ट, लिफ्ट दस्ता, मशीन कक्ष
2 दिल्ली दुकानें और प्रतिष्ठान अधिनियम, 1954
3 ठेकेदार के लिए लाइसेंस का अनुदान
4 यात्री लिफ्ट के काम के लिए लाइसेंस का अनुदान
5 भवन निर्माण श्रमिकों को रोजगार स्थापित करने वाले पंजीकरण का अनुदान
6 प्रधान नियोक्ता के पंजीकरण प्रमाणपत्र का अनुदान
7 लिफ्ट का आवधिक निरीक्षण
8 विद्युत ठेकेदार लाइसेंस का अनुदान
9 "योग्यता प्रमाण पत्र जारी करना - कक्षा (इलेक्ट्रिकल पर्यवेक्षक)"

 "अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग  और अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए विभाग  के कार्य "
1 अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / अल्पसंख्यक वर्ग के लिए स्टेशनरी की खरीद के लिए वित्तीय सहायक
2 अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति
3 एससी / एसटी / ओबीसी / अल्पसंख्यक छात्रों को स्कूल में (कक्षा 1 से 12 वीं तक) और ओबीसी (कक्षा छठी से बारहवीं) के लिए छात्रवृत्ति / मेरिट छात्रवृत्ति
4  एससी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक योजना
5 एससी छात्रों के लिए प्री मैट्रिक योजना
6 कॉलेज / व्यावसायिक संस्थान के ओबीसी छात्र के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति
7 ओबीसी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (पीएमएस-ओबीसी)
8 ओबीसी छात्रों के लिए प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति (पीएमएस-ओबीसी)

 खाद्य एवं आपूर्ति विभाग  के कार्य
1 प्राथमिकता घरेलू कार्ड जारी करना
2 """AAY / प्राथमिकता घरेलू कार्ड में सदस्यों के विवरण का अद्यतन /
AAY """
3 राशन कार्ड में सदस्यों का जोड़
4 परिवार के मुखिया में बदलाव
5 आवासीय पते में परिवर्तन
6 राशन कार्ड में सदस्यों का विलोपन
7 डुप्लीकेट राशन कार्ड जारी करना
8 दिल्ली के भीतर राशन कार्ड का स्थानांतरण
9 "लाभार्थी के मोबाइल नंबर का अद्यतन"

 परिवहन विभाग की सेवाएँ
1 लर्नर्स लाइसेंस
2 स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (DL)
3 ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण
4 डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस
5 ड्राइविंग लाइसेंस में पते का परिवर्तन
6 डुप्लीकेट आरसी सर्टिफिकेट
7 आरसी में पते का परिवर्तन
8 वाहन के स्वामित्व का स्थानांतरण
9 अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करना
10 हाइपोथेकशन जोड़
11 हाइपोथेकशन समाप्ति
12 ड्राइविंग लाइसेंस में वाहन के नए वर्ग को जोड़ना
13 मोटर वाहन कर

 दिल्ली पर्यटन विभाग
1  बिस्तर और नाश्ता प्रतिष्ठानों का पंजीकरण

 दिल्ली जल बोर्ड के कार्य
1 नया पानी / सीवर कनेक्शन
2 उत्परिवर्तन (संपत्ति का परिवर्तन / स्थानांतरण)
3 घर आदि के पुनर्निर्माण के बाद फिर से खोलना
4 पानी की आपूर्ति का विच्छेदन

 "समाज कल्याण विभाग के कार्य"
1 दिल्ली परिवार लाभ योजना
2 विकलांग पेंशन योजना
3 वृद्धावस्था पेंशन योजना की शिकायत

 दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम  के कार्य
1 टूर पैकेज की बुकिंग

 "दिल्ली परिवहन निगम के कार्य"
1 "एसी और नॉन एसी बसों के लिए सामान्य सभी रूट बस पास जारी करना"
2 दिल्ली-एनसीआर की बसों में पास  जारी करना

 औषधि नियंत्रण विभाग के कार्य
1 केमिस्ट को लाइसेंस का अनुदान
2 " होम्योपैथिक दवा की बिक्री के लिए लाइसेंस का अनुदान"
3 अनुसूची एक्स दवा की बिक्री के लिए लाइसेंस का अनुदान

 उच्च शिक्षा निदेशालय के कार्य
1 दिल्ली उच्च शिक्षा सहायता ट्रस्ट की उच्च शिक्षा और कौशल विकास गारंटी योजना
2 दिल्ली शिक्षा सहायता ट्रस्ट की मेरिट-कम-मीन्स आय लिंक्ड वित्तीय सहायता योजना।

रेहड़ी-पटरीवालों को व्यवस्थित करने की जरूरत



रेहड़ी-पटरीवालों के बिना कोई भी शहर नहीं चल सकता, उनको बस व्यवस्थित करने की जरूरत है।

आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने रेहड़ी-पटरीवालों को व्यवस्थित करने के लिए टाउन वेंडिंग कमेटियों का चुनाव करा कर उन्हें नोटिफाई कर दिया गया है,
ऐसा करने वाला दिल्ली देश का पहला राज्य है।

इस व्यवस्था के लागू होते ही दिल्लीवालों की जाम और गंदगी की समस्या हल हो जाएगी एवं वेंडर्स को भी ईमानदारी से रोजगार करने का हक मिलेगा और उन्हें दिल्ली नगर निगम, व पुलिसवाले परेशान नहीं कर पाएंगे।

हम चाहते हैं दिल्ली में सब वेंडर्स के पास एक स्टैंडर्ड, खूबसूरत कार्ट/खोका हो, जिससे पूरा शहर सुंदर और साफ दिखें।

सस्ती बिजली सबका अधिकार



दिल्ली के किराएदारों के लिए खुशखबरी

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने बिजली बिल को लेकर की  बड़ी घोषणा।
 मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने किया बड़ा ऐलान, अब किराएदारों को भी मिलेगी सस्ती बिजली का लाभ!
अब किरायदार लगवा सकते है बिजली के प्रीपेड मीटर।
किराएदारों को आसानी से मिलेगा बिजली मीटर।
प्रीपेड मीटर कनेक्शन लेने के लिए किसी को भी बिजली वितरण कंपनियों के दफ्तर का चक्कर नहीं लगाना होगा। केवल एक फोन मात्र से ही डोर स्टेप पर प्रीपेड मीटर कनेक्शन मिलेगा। इसके अलावा किराएदारों को लंबे-चौड़े डॉक्युमेंट भी जमा कराने की जरूरत नहीं होगी। कनेक्शन के लिए केवल उन्हें रेंट अग्रीमेंट या रेंट रसीद और कोई भी फोटो पहचानपत्र देना होगा। शुरुआत में प्रीपेड मीटर कनेक्शन लेने वालों को 6,000 हजार रुपये देने होंगे। इसमें से 3 हजार रुपये मीटर के और 3 हजार रुपये सिक्यॉरिटी मनी होगा। अगर किराएदार मकान चेंज करते हैं, तो अपने साथ दूसरे मकान में मीटर लगाने के लिए ले जा सकते हैं। लेकिन, कोई कनेक्शन स्थायी रूप से बंद करना चाहता है, तो उसे 3 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी वापस कर दिया जाएगा।
मिलेगा सब्सिडी का लाभ।
इस योजना के तहत प्रीपेड मीटर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए के लिए सामान्य उपभोक्ताओं की तरह ही बिजली दरें होंगी। यानी 200 यूनिट तक बिजली फ्री और 200-400 यूनिट खपत पर जितनी सब्सिडी सामान्य उपभोक्ताओं को मिलती है, किरायेदारों को भी उतनी ही सब्सिडी मिलेगी। मीटर किरायेदारों के घर के बाहर लगाया जाएगा। इसके अलावा यह योजना फिलहाल केवल घरेलू वर्ग के उपभोक्ताओं को उपलब्ध होगी।

#SastiBijliSabkaAdhikar

पत्तल की परंपरा को पुनर्जिवित करें




पत्तल की परंपरा को पुनर्जिवित करें

पत्तलों से लाभ :
1. सबसे पहले तो उसे धोना नहीं पड़ेगा, इसको हम सीधा मिटटी में दबा सकते है।
2. न पानी नष्ट होगा।
3. न ही कामवाली रखनी पड़ेगी, मासिक खर्च भी बचेगा।
4. न केमिकल उपयोग करने पड़ेंगे l
5. न केमिकल द्वारा शरीर को आंतरिक हानि पहुंचेगी।
6. अधिक से अधिक वृक्ष उगाये जायेंगे, जिससे कि अधिक आक्सीजन भी मिलेगी।
7. प्रदूषण भी घटेगा।
8. सबसे महत्वपूर्ण झूठे पत्तलों को एक जगह गाड़ने पर, खाद का निर्माण किया जा सकता है, एवं मिटटी की उपजाऊ क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है।
9. पत्तल बनाने वालों को भी रोजगार प्राप्त होगा।
10. सबसे मुख्य लाभ, आप नदियों को दूषित होने से बहुत बड़े स्तर पर बचा सकते हैं, जैसे कि आप जानते ही हैं कि जो पानी आप बर्तन धोने में उपयोग कर रहे हो, वो केमिकल वाला पानी, पहले नाले में जायेगा, फिर आगे जाकर नदियों में ही छोड़ दिया जायेगा। जो जल प्रदूषण में आपको सहयोगी बनाता है।
फिर से बाज़ार में उपलब्ध हैं, कृपया प्लास्टिक के स्थान पर पत्तल का उपयोग करें।

आजकल हर जगह भंडारे, विवाह शादियों , जन्म दिवस, पार्टियों में डिस्पोजेबल की जगह इन पत्तलों का प्रचलन करना चाहिए।

फीस भरेगी केजरीवाल सरकार


शिक्षा की राह में पैसे की कमी की बाधा नहीं आने देती है केजरीवाल सरकार, शानदार सरकारी स्कूल, लोन गारंटी और मुफ्त कोचिंग जैसी योजनाओं के साथ दिल्ली सरकार ने बोर्ड एग्ज़ाम देने वाले बच्चों की फीस भरने के फैसले पर मोहर लगा दी है।

CBSE द्वारा इस साल फीस दो गुनी कर दी थी, और दिल्ली सरकार ने वादा किया था कि बच्चों की फीस सरकार भरेगी। ऐसे में 3 लाख से अधिक बच्चों से फीस न लेने के फैसले को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

नेताओं की टैक्स के पैसे पर ऐश


आज़ादी से लेकर आजतक नेताओं ने जनता के टैक्स के पैसे पर बहुत ऐश की है।

सांसदों को मिलने वाली सुविधाएं:-

₹1,00,000/-  मासिक तनख्वाह
₹40,000/- भत्ता
₹70,000/- संसदीय क्षेत्र भत्ता
₹60,000/- ऑफिस भत्ता
₹16/- प्रति किलोमीटर के हिसाब से अनलिमिटेड यात्रा भत्ता
मुफ़्त हवाई यात्राएँ (परिवार सहित)
मुफ़्त फर्स्ट क्लास में रेल यात्राएं (परिवार सहित)
मुफ़्त सरकारी बँगला (नौकर-चाकर सहित)
मुफ़्त सरकारी आवास आने-जाने वाले परिचितों के लिए।
मुफ़्त 3 लैंडलाइन फ़ोन फ्री कॉलिंग के साथ।
मोबाइल भत्ता।
₹1,00,000/- फर्नीचर के लिए।
मुफ़्त इलाज सुविधा।
सोफे के कपड़े और पर्दे धुलवाने का भत्ता।
सस्ता खाना (₹12/- में डोसा, ₹35/- में शाकाहारी थाली, ₹60/- में तन्दूरी चिकन)
मुफ़्त गैस सिलेंडर (अनलिमिटेड)

और ये सब सुविधाएं बिना टैक्स कटौती के।

सांसद ना रहने के बाद भी ये राजा जैसा जीवन जीते हैं।

₹20,000/- महीने की पेंशन।
₹15,00/- महीने का भत्ता।
आजीवन मुफ़्त रेल यात्रायें परिवार सहित (AC कोच में)।
आजीवन मुफ़्त ईलाज़।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपके टैक्स के पैसे से हर साल ₹500 करोड़ सांसदों की सुविधाओं पर ख़र्च होता है यानि क़रीब ₹85,00,000/- (85 लाख) हर सांसद पर। इसका मतलब हुआ करीब ₹7,00,000/- महीना।

लेकिन जब केजरीवाल दिल्ली के लोगों को बिजली-पानी फ्री में देता है तो इन भाजपा वालों का विरोध शुरू हो जाता है। 

अभी देखना, आगे-आगे भाजपा के  नेता-सांसद आपको कहेंगे कि केजरीवाल तो जनता को मुफ्तखोरी की लत लगा रहा है।

बस आप लोग इतना बोल देना कि जिस दिन तुम सांसद लोग फ्री में मिल रही अपनी सारी सुविधाएं छोड़ दोगे तो उस दिन ये जनता भी छोड़ देगी।

दिल्ली में तो केजरीवाल


1, काम किया है पांचो साल।
     दिल्ली में तो केजरीवाल।।

2, बदला है दिल्ली का हाल।
     दिल्ली में तो केजरीवाल।।

3, दिल्ली बोले दिल से।
     केजरीवाल फिर से।।

4, भ्रष्ट्राचार का एक ही काल।
     केजरीवाल - केजरीवाल।।

सच्चा समाज सेवक


समाज सेवक बनना और नाराज होना दोनों चीजें साथ नहीं चल सकती है। इसलिए समाज सेवा छोड़ो या नाराज होना छोड़े!

मेरा फोटो नहीं छपा, इसलिए मैं नही आया।
मेरा निमंत्रण पत्रिका में नाम नहीं था, इसलिए मैं नहीं आया।
मुझे उसमें कुछ मिलने वाला नहीं था, इसलिए मैं नहीं आया।
मुझे कोई पद नहीं मिला, इसलिए मैं नहीं आया।
मुझे कोई सुनता नहीं है, इसलिए मैं नहीं आया।
मुझे स्टेज पर नहीं बैठाया, इसलिए मैं नहीं आया।
मेरा सम्मान नहीं किया, इसलिए मैं नहीं आया।
मुझे बोलने का मौका नहीं दिया, इसलिए मैं नहीं आया।
बार बार आर्थिक बोझ मुझ पर डाल दिया जाता है, इसलिए मैं नहीं आया।
सभी काम मुझे सौंपा जाता है, इसलिए मैं नहीं आया।
कोई सुझाव लेते नहीं है, इसलिए मैं नहीं आया।
टाइम नहीं मिल रहा, इसलिए मैं नहीं आया। वगैरह वगैरह

यह सब क्या है? इसलिए हम समाज सेवक बने हैं? समाज सेवा का मतलब यह-सभी बातों का छोड़ देना, और जो छोड़ दे, वही एक अच्छा समाज सेवक, बाकी समाज सेवा का ढोंग करने वाले गली गली मिलते हैं।

सच्चा कार्य वही है जो समाज के हित को सर्वोपरि बना सके इसलिए कहा है कि समाज सेवा मतलब तलवार की धार पे चलने का कार्य, और यह कोई कायरो का काम नहीं।

जिंदगी में संघर्ष जरूरी है इसलिए जो लोग समाज सेवा में अपना मूल्यवान समय दे रहे हैं उन लोगों को तन-मन-धन से सहयोग देकर समाज के अच्छे कार्यों को आगे बढ़ाएं।
एक बने, नेक बने!

शिक्षित बने, संगठित रहे और संघर्ष करे।

ले मशाले चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के

ले मशाले चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के
अब अंधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गाँव के।
पूछती है झोपड़ी और पूछते है खेत भी।
कब तलक लूटते रहेंगे लोग मेरे गाँव के।
बिन लड़े कुछ भी नही मिलता यहा ये जानकर।
अब लड़ाई लड़ रहे हैं लोग मेरे गाँव के।
चीखती है हर रुकावट ठोकरों की मार से।
बेड़िया खनका रहे हैं लोग मेरे गाँव के।
लाल सूरज अब उगेगा देश के हर गांव में।
अब इकटठे हो चले हैं लोग मेरे गाँव के।
देख यारा जो सुबह लगती हैं फीकी आजकल।
लाल रंग उसमे भरेंगे लोग मेरे गाँव के।

शिक्षक कौन

शिक्षक कौन

मिट्टी को जो मूर्त रूप दे,
कुम्भकार वे शिक्षक हैं।

जीवन को जो करे शिल्प,
वे शिल्पकार सब शिक्षक हैं।

गढ़ गढ़ काढ़े खोट हृदय के,
आचार्य प्रवर वे शिक्षक हैं।

दूर करें जो व्यसन व दुर्गुण,
वे हरि जन भी तो शिक्षक हैं।

निर्माण करें द्विज बन कर शिष्य का,
वे सब गुरुजन भी शिक्षक हैं।

सृष्टि के सब जीव जंतु,
जड़ सभी वस्तुएं शिक्षक हैं।

मात पिता गुरु अतिथि आचार्य,
प्रेरक प्रिय परि जन शिक्षक हैं।

जो करें बुराई निंदा मुख,
वे निंदक भी तो शिक्षक हैं।

जो सोचें उन्नति कैसे हो,
वे चिंतक भी तो शिक्षक हैं।

जो भरें प्रेरणा कार्यों से,
वे प्रेरक भी तो शिक्षक हैं।

जब संकट की घड़ियां आवें,
तब मित्र भी होते शिक्षक हैं।

जब हो दुखी निराश बेमन,
सद् आशाएं भी शिक्षक हैं।
जब सूनापन खलता भारी,
हँसता बचपन भी शिक्षक हैं।

जब चहुँ ओर अंधियारा हो,
खुद भी तो खुद के शिक्षक हैं।

जब सूझ न पाए कुछ भी कहीं,
तब परमेश्वर एक शिक्षक हैं।

है नमन मेरा हर शिक्षक को,
शिक्षक के भी हर शिक्षक को।

जिनसे सब पाते विमल बुद्धि,
उस हरि (प्रभु)को हर (प्रत्येक) के शिक्षक को।

हम सब चेतन शिक्षकों- महाशिक्षक परमेश्वर, मातापिता, गुरुजनों, अतिथि, आचार्यों विद्वानों साधु संतों व परस्पर सभी का, प्रकृति के हर एक जड़ पदार्थ का सम्मान कर नमन करने वाले बनें।

किसान आखिर गरीब क्यों

धान का कटोरा कहे जाने वाले हमारा छत्तीसगढ़ हो या कृषि प्रधान देश के किसान आखिर गरीब क्यों है ?

एक नजर आंकड़े पर डालेंगे।

खेती करने पर प्रति एकड़ खर्च :--
जुताई....(3 बार ) =  ₹1,500/-
बीज ....              =    ₹750/-
गोबर खाद..        =  ₹1,500/-
रोपाई..               =  ₹3,600/-
उर्वरक...             =  ₹3,000/-
निंदाई गुड़ाई        =  ₹2,000/-
कीटनाशक दवाओं में खर्च + अन्य रख रखाव... = ₹3,500/-
सिंचाई वगैरह में.. = ₹1,000/-
फसल कटाई + मिसाई का खर्च .....             =  ₹2,700/-
सफाई खर्च....     =    ₹500/-
मंडी खर्च....        =    ₹700/-
_____________________
          योग....   =  ₹20,750/-

धान की औसत उत्पादन प्रति एकड़ 17 क्विंटल।

सरकार खरीद रही है..15 क्विं.दर  ₹1,480/- +
₹300/-.बोनस = ₹1,780/- × 15 क्विं. = ₹26,700/- वो बोनस कब मिलेगा भी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं।

किसान ने धान बेचा ₹26,700/-
खर्च हुआ लगभग  ₹21,000/-

शेष बचा लगभग  ₹7,000/-

अब  ₹7,000/- में घर खर्च देखिए :-- बच्चों की पढ़ाई लिखाई , हल्की फुल्की स्वास्थ्य खराब होने पर दवाई , साल भर के कपड़ों का खर्च , बिजली का बिल , साक शब्जी का खर्च आदि मिला कर महीने में ₹3,500/- तो होते ही हैं , तो 12 महीने का ₹40 - 42 हजार होता है।

किसान की साल भर की कमाई का बचत ₹7 से ₹10 हजार मान लें और खर्च ₹40-42 हजार न मानकर ₹30 हजार रुपये भी मानते हैं तो भी किसान हर वर्ष ₹20 से 25 हजार नुकसान उठाकर जी रहा है।

अंत में कर्जदार बनकर या तो जमीन बेचेंगे या फिर आत्महत्या करने मजबूर होंगे।

अब कर्मचारियों को देखो आठ घंटे ड्यूटी और कमाई औसतन ₹45 हजार रुपये और लागत खर्च एक रुपये भी नहीं ।
नेताओं का देख लो, लाख रुपये वेतन, फ्री बिजली, फ्री यात्रा, फ्री डीजल पेट्रोल, लागत कुछ भी नहीं और पांच साल के कार्यकाल में संपत्ति पांच से दस गुनी। इसके उपरांत आजीवन पेंशन।

दिन रात जी तोड़ मेहनत करने वाला किसान दिनोंदिन कमजोर होता जा रहा है, और
ये नेता लोग जोंक की तरह चिपककर किसानों का खून चूस रहे हैं ।

I ❤ Kejriwal




केजरीवाल का अर्थशास्त्र


केजरीवाल का अर्थशास्त्र दिल्ली का बजट पिछले साढ़े चार साल में लगभग दोगुना।
2014-15 : ₹36,766/- करोड़
2015-16 : ₹41,129/- करोड़
2016-17 : ₹46,600/- करोड़
2017-18 : ₹48,000/- करोड़
2018-19 : ₹53,000/- करोड़
2019-20 : ₹60,000/- करोड़
न घाटा न कर्ज और ना ही टैक्स में कोई बढ़ोतरी फ़िर भी साढ़े चार साल में दोगुना बजट।
ये इसलिये संभव हुआ क्योंकि दिल्ली ने ईमानदार और पढ़ा-लिखा मुख्यमंत्री चुना है।

डेंगू के खिलाफ एक अभियान




आप सभी जानते है दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने डेंगू के खिलाफ एक अभियान छेड़ा हुआ है।

जिसमे हर रविवार 10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट डेंगू पर वार किया जाएगा।

 मुख्यमंत्री जी ने सभी दिल्ली वासियों से अपील की है की 10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट अपने अपने घरों में चेकिंग करनी है और आस पास के लोगो को भी मोटीवेट करे कि वो भी अपने अपने घर चेक करें।

इस अभियान के पीछे मुख्यमंत्री जी का मकसद ये है की अगर 10 हफ्ते जिस दौरान दिल्ली में डेंगू की बीमारी फैलती है।

उस दौरान यदि हर रविवार सब यदि ठान ले की अपने घर चेक करेंगे और आस पास के लोगो को भी रिक्वेस्ट करे तो हम इस बार डेंगू की बीमारी को पूरी तरह से खत्म कर सकते है।

डेंगू के बारे में ज़रूरी जानकारियां-

1. क्या आपको पता है कि डेंगू का मच्छर साफ पानी मे पलता है?

2. डेंगू का मच्छर 200 मीटर से ऊपर उड़ नही सकता। इसलिए या तो वो आपके घर मे पैदा हुआ है या आपके पड़ोसी के।

3. इसलिए ज़रूरी है कि हम अपने घर के अंदर व आसपास चेक करें कि कहीं साफ पानी मे डेंगू का मच्छर पैदा तो नही हो रहा। हो सके तो साफ पानी को हर दूसरे दिन बदलते रहे।

4.  अपने घर के अलावा अपने पड़ोसियों के घर को भी अवश्य चेक करें।

5. क्या आपको पता है वर्ष 2015 में 15000 से ज्यादा डेंगू के केसेस सामने आए थे जो 2018 में घटकर 3000 रह गए ।

6.   इस अभियान की आप सभी अपनी वीडियो और सेल्फी ज़रूर लेकर भेजे ताकि दूसरों को भी प्रेरणा मिले।

शपथ:

आइए हमसब मिलकर आज ये शपथ लेते है कि

"हम अपने घरों व उसके आसपास पानी इकठ्ठा नही होने देंगे। अगले 10 हफ्ते  हर रविवार को 10 बजे 10 मिनट अपने घर व आस पड़ोस में, घर के गमले , छत , कूलर में साफ रुका हुआ पानी हटा करके अपनी प्यारी दिल्ली को डेंगू मुक्त बनाएंगे"

आप की जन संवाद यात्रा

जन संवाद यात्रा के दौरान होने वाले चर्चा के बिंदु...

1- 1993 में चुनाव के बाद दिल्ली के लोगों ने सबसे पहले भाजपा को पांच साल सरकार चलाने का मौका दिया। भाजपा के तीन-तीन मुख्यमंत्री ने मिलकर जनता के लिए कौन से अच्छे काम किए ?

2- उसके बाद कोंग्रेस की 15 साल सरकार रही। कोंग्रेस की सरकार द्वारा 15 साल में जो अच्छे काम हुए क्या आप बता सकते हैं ?

3- बीते साढ़े चार साल में अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली की जनता के लिए कोई अच्छा काम किया ?

4- भाजपा के 5 साल के  3 मुख्यमंत्री, कांग्रेस के 15 साल की 1 मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल में किसने दिल्ली की जनता के लिए सबसे ज़्यादा काम किए ?

5- दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने बिजली, पानी फ्री कर दिया भाजपा इसका विरोध कर रही है क्या भाजपा का विरोध करना सही है ?

6- अगर पांच साल पहले अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री ना बनते तो क्या ये सारे काम हो पाते ?

7- अरविंद केजरीवाल दुबारा मुख्यमंत्री ना बने तो क्या आगे भी बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य फ्री रह पाएंगे ?

8- कुछ लोग आज कल पार्कों में घूम-घूम कर बोल रहे हैं कि अगर ऊपर-नीचे और बीच में तीनों जगह एक ही पार्टी की सरकार हो जाये तो झगड़े खत्म हो जाएंगे और काम ज्यादा होगा। आप क्या सोचते है ?

9- हमारे बगल में एक तरफ हरियाणा है जहां ऊपर-नीचे और बीच में एक ही पार्टी की सरकार है दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश है वहाँ भी ऊपर-नीचे और बीच में एक ही पार्टी की सरकार है, वहाँ जनता के कामों की क्या हालत है वो आप जानते हैं, क्या आप दिल्ली को ऊपर-नीचे और बीच में एक ही पार्टी को लाकर हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसा बनाना चाहते हैं ?

10- क्या दिल्ली में कांग्रेस और भाजपा के पास अरविंद केजरीवाल जैसा मुख्यमंत्री बनने के लिए कोई चेहरा है ?

11- आप में से कितने लोग अरविंद केजरीवाल को फिर से दिल्ली का  मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।।

निजीकरण या पुनः रियासतीकरण


निजीकरण व्यवस्था नहीं बल्कि पुनः रियासतीकरण है।

मात्र 70 साल में ही पलट गई। जहाँ से चले थे उसी जगह पहुंच रहे हैं हम। फर्क सिर्फ इतना कि दूसरा रास्ता चुना गया है और इसके परिणाम भी ज्यादा गम्भीर होंगे।

1947 जब देश आजाद हुआ था। नई नवेली सरकार और उनके मंन्त्री देश की रियासतों को आजाद भारत का हिस्सा बनाने के लिए परेशान थे।

तकरीबन 562 रियासतों को भारत में मिलाने के लिए साम दाम दंड भेद की नीति अपना कर अपनी कोशिश जारी रखे हुए थे। क्योंकि देश की सारी संपत्ति इन्हीं रियासतों के पास थी।

 कुछ रियासतों ने नखरे भी दिखाए, मगर कूटनीति और चतुरनीति से इन्हें आजाद भारत का हिस्सा बनाकर भारत के नाम से एक स्वतंत्र लोकतंत्र की स्थापना की।

और फिर देश की सारी संपत्ति सिमट कर गणतांत्रिक पद्धति वाले संप्रभुता प्राप्त भारत के पास आ गई।

धीरे धीरे रेल, बैंक, कारखानों आदि का राष्ट्रीयकरण किया गया और एक शक्तिशाली भारत का निर्माण हुआ।

मात्र 70 साल बाद समय और विचार ने करवट ली है। फासीवादी ताकतें पूंजीवादी व्यवस्था के कंधे पर सवार हो राजनीतिक परिवर्तन पर उतारू है।

लाभ और मुनाफे की विशुद्ध वैचारिक सोच पर आधारित ये राजनीतिक देश को फिर से 1947 के पीछे ले जाना चाहती है। यानी देश की संपत्ति पुनः रियासतों के पास!

लेकिन ये नए रजवाड़े होंगे कुछ पूंजीपति घराने और कुछ बड़े बडे राजनेता ।

निजीकरण की आड़ में पुनः देश की सारी संपत्ति देश के चन्द पूंजीपति घरानो को सौंप देने की कुत्सित चाल चली जा रही है। उसके बाद क्या ?

निश्चित ही लोकतंत्र का वजूद खत्म हो जाएगा। देश उन पूंजीपतियों के अधीन होगा जो परिवर्तित रजवाड़े की शक्ल में सामने उभर कर आयेंगे। शायद रजवाड़े से ज्यादा बेरहम और सख्त।

यानी निजीकरण सिर्फ देश को 1947 के पहले वाली दौर में ले जाने की सनक मात्र है। जिसके बाद सत्ता के पास सिर्फ लठैती करने का कार्य ही रह जायेगा।

सोचकर आश्चर्य कीजिये कि 562 रियासतों की संपत्ति मात्र  चन्द पूंजीपति घरानो को सौंप दी जाएगी।

ये मुफ्त इलाज के अस्पताल, धर्मशाला या प्याऊ नहीं बनवाने वाले। जैसा कि रियासतों के दौर में होता था। ये हर कदम पर पैसा उगाही करने वाले अंग्रेज होंगे।

निजीकरण एक व्यवस्था नहीं बल्कि पुनः रियासतीकरण है।
           
कुछ समय बाद नव रियासतीकरण वाले लोग कहेगें कि देश के सरकारी अस्पतालों, स्कूलों, कालेजों से कोई लाभ नहीं है अत: इनको भी निजी हाथों में दे दिया जाय तो जनता का क्या होगा ?

अगर देश की आम जनता प्राइवेट स्कूलों और हास्पिटलों के लूटतंत्र से संतुष्ट है तो रेलवे को भी निजी हाथों में जाने का स्वागत करें ।
हमने बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए सरकार बनाई है न कि सरकारी संपत्ति मुनाफाखोरों को बेचने के लिए।

सरकार घाटे का बहाना बना कर सरकारी संस्थानो को बेच क्यों रही है? अगर प्रबंधन सही नहीं तो सही करे। भागने से तो काम नही चलेगा।

यह एक साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।
पहले सरकारी संस्थानों को ठीक से काम न करने दो, फिर बदनाम करो, जिससे निजीकरण करने पर कोई बोले नहीं, फिर धीरे से अपने आकाओं को बेच दो जिन्होंने चुनाव के भारी भरकम खर्च की फंडिंग की है।

याद रखिये पार्टी फण्ड में गरीब मज़दूर, किसान पैसा नही देता। पूंजीपति देता है। और पूंजीपति दान नहीं देता, निवेश करता है। चुनाव बाद मुनाफे की फसल काटता है।

आइए विरोध करें निजीकरण का।
सरकार को अहसास कराएं कि वह अपनी जिम्मेदारियों से भागे नहीं। सरकारी संपत्तियों को बेचे नहीं। अगर कहीं घाटा है तो प्रबंधन ठीक से करे। वैसे भी सरकार का काम सामाजिक होता है। मुनाफाखोरी नहीं।

वर्तमान में कुछ नासमझ लोग चंद टुकड़ों के लिए झंडे और डंडे पकड़ के अपने आकाओं की चाटू गिरी में मग्न है, क्या यह बता सकते हैं यह अपने आने वाली पीढ़ी को कैसा भारत देंगे।

आज जो हो रहा है यदि हम उसको आंखें मूंदे देखते रहे तो याद रखना।
 उसके कत्ल पर मैं चुप था,
मेरा नंबर अब आया।
मेरे कत्ल पर आप भी चुप हैं।
अगला नंबर आपका है।
वक्त है अभी भी हमको अपनी आने वाली पीढ़ी को गुलाम होने से बचाना होगा।

श्री रामचरितमानस की 8 दिव्य चौपाइयां

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