केजरीवाल की अर्थव्यवस्था

दिल्ली में जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो दिल्ली का कुल बजट था ₹32000/= करोड रुपए|

जब टैक्स लगाने की बारी आई तो आम आदमी पार्टी सरकार ने सभी चीजों पर टैक्स या तो पुराना चालू रखा या तो कम किया|

 किसी भी वस्तु पर टैक्स  बढ़ाया नहीं गया|

कुछेक वस्तुओं पर तो टैक्स 12% से घटाकर सीधा 5% तक कर दिया गया|


पिछले 2 साल में जितने भी बजट आए उन सभी बजट में एक भी बजट ऐसा नहीं था जिसमें केजरीवाल सरकार ने टैक्स की दरें बढ़ाई हो|


टैक्स कम करने के बावजूद आज केजरीवाल सरकार का बजट ₹32000/= करोड़ से कहीं बढ़कर ₹48000/= करोड़ रुपए पहुंच गया है|

यह कमाल है अरविंद केजरीवाल की अद्भुत अर्थव्यवस्था की समझ का।

 आज तक की सरकारें  अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए जनता पर टैक्स का बोझ लाद कर, जनता को चूस चूस कर खुद मोटा होने का प्लान करते आई है।

देश की लगभग सभी सरकारे इसी फार्मूला को मानती है कि अगर आमदनी बढ़ानी है तो जनता पर टैक्स बढ़ाना पड़ेगा।

लेकिन केजरीवाल इकनॉमिक्स इस से बिल्कुल उल्टा कहता है।

जब जनता पर टैक्स बढ़ाया जाता है तो जनता टैक्स की चोरी करने लगती है नतीजन टैक्स का कलेक्शन उल्टा कम हो जाता है।

 लेकिन अगर जनता पर टैक्स का बोझ कम कर दिया जाता है तो ज्यादा से ज्यादा लोग टैक्स देने लगते हैं और यह टैक्स देना उनके लिए कोई बड़ी बात भी नहीं रह जाती इसलिए टैक्स चोरी रुक जाती है।

यह कोई किताबी थियोरी नहीं है केजरीवाल इकनॉमिक्स एक आजमाया गया हुआ सच है जो कि आप दिल्ली में देख रहे हैं।

जागो ग्राहक


मान लीजिये आप सुनार के पास गए आपने 10 ग्राम प्योर सोना ₹30000/= का खरीदा।
उस सोने को लेकर आप सुनार के पास हार बनवाने गए। सुनार ने आपसे 10 ग्राम सोना लिया और कहा की ₹2000/= बनवाई लगेगी।
आपने खुशी से कहा ठीक है। उसके बाद सुनार ने 1 ग्राम सोना निकाल लिया और 1 ग्राम का टांका लगा दिया। क्योंकि बिना टांके के आपका हार बन ही नहीं सकता।

यानी की 1 ग्राम सोना ₹3000/= का निकाल लिया और ₹2000/= आपसे बनवाई अलग से लेली।

यानी आपको ₹5000/= का झटका लग गया। अब आपके ₹30 हजार सोने की कीमत मात्र ₹25 हजार बची और सोना भी 1 ग्राम कम कम हो कर 9 ग्राम शेष बचा ।

बात यहीं खत्म नही हुई। उसके बाद अगर आप पुन: अपने सोने के हार को बेचने या कोई और आभूषण बनवाने पुन: उसी सुनार के पास जाते हैं तो वह पहले टांका काटने की बात करता है और सफाई करने के नाम पर 0.5 ग्राम सोना और कम हो जाता है।

अब आपके पास मात्र 8.5 ग्राम सोना ही बचता है। यानी की ₹30 हजार का सोना मात्र ₹23,500/= का बचा।

आप जानते होंगे कि,

₹30000 रुपये का सोना + ₹2000 रुपये बनवाई = ₹32000 रुपये ।

1 ग्राम का टांका कटा ₹3000/ + 0.5 ग्राम पुन: बेचने या तुड़वाने पर कटा मतलब सफाई के नाम पर = ₹1500/=

शेष बचा सोना 8.5 ग्राम

यानी कीमत ₹32000/= ( - ) ₹6500 का घाटा = ₹25500/=

भारत सरकार की मंशा क्या है ?

जीएसटी लगने पर सुनार को रसीद के आधार पर उपभोक्ता को पूरा सोना देना होगा।
और जितने ग्राम का टांका लगेगा उसका सोने के तोल पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जैसा कि आपके सोने की तोल 10 ग्राम है और टाका 1 ग्राम का लगा तो सुनार को रसीद के आधार पर 11 ग्राम वजन करके उपभोक्ता को देना होगा। इसी लिए सुनार हड़ताल पर है कि अब उनका धोखाधड़ी का भेद खुल जायेगा।

प्रकृति का नियम


यदि खेत में  बीज न डालें जाएं  तो कुदरत  उसे घास-फूस  से  भर देती हैं ।
ठीक  उसी  तरह से  दिमाग  में सकारात्मक  विचार  न भरे  जाएँ  तो नकारात्मक  विचार  अपनी  जगह  बना ही लेती है ।

आपको  जीवन से जो कुछ भी मिलें  उसे पचाना सीखो क्योंकि
भोजन  न पचने  पर रोग बढते है।
पैसा न पचने  पर दिखावा बढता है
बात  न पचने पर चुगली  बढती है ।
प्रशंसा  न पचने पर  अंहकार  बढता है।
निंदा  न पचने पर  दुश्मनी  बढती है ।
राज न पचने पर  खतरा  बढता है ।
दुःख  न पचने पर  निराशा बढती है ।
और सुख न पचने पर  पाप बढता है ।

जीएसटी


1. क्या है जीएसटी?
*वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) एकीकृत कर प्रणाली है। इसमें सभी अप्रत्यक्ष कर को मिला दिया गया है। अब हर राज्य में अलग-अलग कर नहीं लगेगा बल्कि देशभर के लिए एक जीएसटी होगा।

2. क्या जीएसटी उपभोक्ता को भी देना होगा?
*इसमें सेवा कर भी शामिल है। इसलिए एसी रेस्त्रां में खाने, ट्रेन-हवाई यात्रा और अन्य सेवाओं पर उपभोक्ता को भी जीएसटी चुकाना होगा। लेकिन इसे संबंधित सेवा प्रदाता वसूलेंगे और जमा करेंगे।

3. क्या जीएसटी में सबको रिटर्न भरना होगा?
*नहीं। केवल ₹20 लाख से अधिक का कारोबार करने वाले व्यक्ति या संस्थाएं ही जीएसटी चुकाएंगी।

4. आम आदमी को जीएसटी से कैसे फायदा होगा?
*एक कर होने से कर के ऊपर कर नहीं चुकाना पड़ेगा। इससे वस्तु एवं सेवाएं सस्ती होंगी।

5. क्या बिक्री कर और वैट अलग से चुकाना होगा?
*नहीं। जीएसटी में बिक्री कर, उत्पाद शुल्क, और मूल्यवर्द्धित कर (वैट) सबको मिल दिया गया है। इसलिए इन्हें अलग से चुकाने की जरूरत नहीं होगी।

6. क्या जीएसटी से चुंगी कर खत्म हो जाएगा?
*हां। अब राज्यों में प्रवेश कर (चुंगी) खत्म हो जाएगा। इसे भी जीएसटी में मिला दिया गया है।

7. जीएसटी से मकान के दाम बढ़ेंगे या कम होंगे?
*इससे मकान के दाम घटेंगे। वर्तमान में निर्माणाधीन मकान पर 4.5 फीसदी का सेवा कर लगता है जो जीएसटी में बढ़कर 12 फीसदी हो जाएगा। इसके बावजूद मकान के दाम घटेंगे क्योंकि अभी निर्माण सामग्री पर उत्पाद शल्क, वैट और चुंगी कर है। लेकिन वतर्मान समय में इनका कोई इनपुट क्रेडिट (रिफंड) नहीं मिलता है। जबकि जीएसटी में पूरा क्रेडिट मिलेगा और बिल्डर इन सब चीजों पर जो कर चुकाएगा वह उसे वापस मिल जाएगा।

8. हर माह की बिक्री का रिटर्न भरने की तारीख क्या होगी?
*जीएसटी कानून के तहत एक महीने में की गई सभी प्रकार की बिक्री या कारोबार के लिए रिटर्न अगले महीने की 10 तारीख तक भरनी है। इसीलिए अगर जीएसटी 1 जुलाई से लागू होता है, तो बिक्री का आंकड़ा 10 अगस्त तक अपलोड करना है।

9. क्या रिटर्न के लिए कोई प्रारूप है जिसे देखकर रिटर्न भरा जा सकेगा?
*25 जून तक जीएसटीएन पोर्टल पर एक्सेल शीट जारी की जाएगी। इससे करदाताओं को उस प्रारूप के बारे में पता चलेगा जिसमें सूचना देनी है।

10. रिटर्न का ब्योरा भरने का तरीका क्या होगा?
*एक्सेल शीट में कंपनियों को रसीद (इनवायस) संख्या, खरीदार का जीएसटीआईएन, बेचे गये सामान या सेवाएं, वस्तुओं का मूल्य या बिक्री की गई सेवाएं, कर प्रभाव तथा भुगतान किए गये कर जैसे लेन-देन का ब्योरा देना होगा।

11. रिटर्न फॉर्म कब से मिलना शुरू होगा?
*जीएसटी रिटर्न फार्म जुलाई के मध्य में उपलब्ध कराया जाएगा

12. किराने की दुकान में ग्राहक पांच-10 रुपए का भी सामान खरीदते हैं। क्या उनका भी बिल बनाना पड़ेगा?
*खरीदार बिल मांगता है तो उसे देना पड़ेगा। नहीं चाहिए तो ₹200/= से कम के सभी लेन-देन के बदले पूरे दिन में एक बिल बना सकते हैं। इनके खरीदार आम ग्राहक यानी अनरजिस्टर्ड होने चाहिए।

13. क्या सबको एक जैसा बिल बनाना है?
*नहीं। जीएसटी करदाता इसका डिजाइन तैयार करने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, बिल बनाने के नियम के मुताबिक कुछ जरूरी जानकारियां उस पर होनी चाहिए।

14. जीएसटीएन पर पंजीकरण दोबारा कब शुरू होगा?
*25 जून से जीएसटीएन पर पंजीकरण शुरू होगा।

15. क्या जीएसटी के लिए हमेशा इंटरनेट की जरूरत?
*नहीं। केवल जीएसटी रिटर्न के लिए महीने में एक बार इंटरनेट की जरूरत होगी। हर रोज कंप्यूटर पर ब्योरा दर्ज करने की भी जरूरत नहीं है।

16. बिल ऑफ सप्लाई क्या है? कौन जारी करेगा?
*कर से छूट वाली वस्तुएं एवं सेवाओं के लिए जो बिल बनेगा उसे बिल ऑफ सप्लाई कहा जाएगा। पंजीकृत व्यक्ति बिल की जगह इसे जारी करेगा। इसमें भी आम ग्राहक (अनरजिस्टर्ड ) व्यक्ति को ₹200/=से कम की आपूर्ति के लिए बिल जरूरी नहीं है।

17. रिसीट और रिफंड वाउचर क्या है?
*पंजीकृत कारोबारी को किसी वस्तु एवं सेवा के लिए अग्रिम (एडवांस) भुगतान मिलता है तो उसके बदले उसे रिसीट वाउचर बनाना पड़ेगा। बाद में वस्तु एवं सेवा की आपूर्ति नहीं हुई तो पैसे लौटाते वक्त रिफंड वाउचर बनेगा।

18. क्रेडिट और डेबिट नोट कब जारी होंगे?
*आपूर्तिकर्ता ने जिस कीमत का कर का बिल बनाया और बाद में पता चला कि कीमत कम है। तब वह क्रेडिट नोट जारी करेगा। इसी तरह यदि बाद में पता चलता है कि कीमत ज्यादा है तो डेबिट नोट जारी होगा। इसी तरह खरीदार ने सामान लौटाया या सामान की मात्रा कम निकली तब भी आपूर्तिकर्ता क्रेडिट नोट जारी करेगा।

19. क्या छोटे कारोबारियों के लिए बिल पर प्रोडक्ट कोड नंबर (एचएसएन) लिखना जरूरी है?
*नहीं। जिनका सालाना कारोबार ₹1.5 करोड़ तक है उन्हें बिल पर एचएसएन कोड लिखने की जरूरत नहीं है।

दिल्ली की आप सरकार के फैसले



दिल्ली के मुख्यमंत्री  अरविन्द केजरीवाल  ने जनता के हित में लिये फैसले

* दिल्ली के सभी बुजुर्ग लोगो के लिए पूरी दिल्ली में  DTC बसों का किराया फ्री ।

* जिन व्यक्तियों का वेतन ₹20000/= माह से कम है उनके लिए सभी  DTC बसों का पास मात्र ₹250/= प्रति महीना ।

* दिल्ली के सभी छात्रों जिनकी आयु  21 वर्ष से अधिक न हो ,उनके लिए भी सभी DTC बसों में किराया बिलकुल फ्री (उनके पास स्कूल ID कार्ड होना अनिवार्य है ) ।

* दिल्ली की सभी महिलाओं के लिए भी DTC बसों का पास मात्र ₹250/= प्रति माह  हो चूका है ।

*  विकलांग व्यक्तियों को अब DTC बसों में सफर करने के लिए किसी भी प्रकार का स्पेसल पास बनवाने की आवश्यक्ता नहीं है , उनके लिए भी DTC में यात्रा बिल्कुल फ्री ।

* पूरी दिल्ली में DTC की 1000 बसें शुरू कर दी गई है ताकि लोगों को परेशानी न हो ।

*  दिल्ली में 10 नई फायर ब्रिगेड एम्बुलेंस की शुरुआत की गयी है ।

* जो मजदुर भाई दिल्ली में किसी भी फैक्टरी, कंपनी ,कारखाने में  कार्य करता है , उन सबके लिए उनका मासिक न्यूनतम वेतन बढ़ाकर ₹13,350/= कर दिया गया ।

* दिल्ली सरकार के सभी सरकारी अस्पतालों में 21 प्रकार के चेकअप बिल्कुल फ्री ,जैसे MRI, CT SCAN, अल्ट्रासाउंड ,इत्यादि ।

* दिल्ली के किसी भी सरकारी अस्पतालों में अगर किसी भी मरीज का ओप्रेसन 30 दिन के भीतर न हो तो उसका ओप्रेसन दिल्ली सरकार के खर्चे पर प्राइवेट अस्पतालों में बिल्कुल फ्री किया जाएगा ।

* दिल्ली सरकार के सभी सरकारी स्कूलों में जितने भी गेस्ट टीचर है उनकी मासिक वेतन लगभग  डबल कर दी गई है जैसे ( ₹17000/= से ₹32000/=) ।

*  दिल्ली सरकार द्वारा दी जा रही  सभी पेंशन बढ़ाकर -
₹1000/= से बढ़ाकर ₹2000/=
₹1500/= से बढाकर ₹2500/= कर दी गई है ।

अरविन्द केजरीवाल ने पार्टी के लिये दिशा निर्देश जारी किय


अरविन्द जी ने कहा पार्टी रीबैक जरूर करेगी ।
(1) अब वार्ड इंचार्ज होंगे क्षेत्रीय अध्यक्ष और पोलिंग इंचार्ज होंगें मंडल अध्यक्ष
(2) क्षेत्रीय अध्यक्ष और मंडल अध्यक्ष यदि कोई काम लेकर विधायक या मंत्री के पास जाएंगे तो उस काम को जरूर करवाया जायेगा ।
(3) अब हर विधायक, मंत्री , मुख्यमंत्री सोमवार से लेकर शुक्रवार तक 10 बजे से अपने ऑफिस में जनता दरबार लगाएंगे उनकी उनकी समस्या सुनेंगे , और तब तक बैठेंगे जब तक हर व्यक्ति की समस्या सुन न लें ।
(4) अब हर विधायक मंत्री और मुख्यमंत्री शनिवार और रविवार को अपने चुनाव क्षेत्र में जाकर जनता से मिलेंगे और उनकी समस्या सुनेंगे ।
(5) कोई भी कार्यकर्ता कभी भी मंत्री और मुख्यमंत्री से मिल सकेगा कोई रोकेगा नही ।
(6) हर सप्ताह में बूथ स्तर से लेकर विधानसभा के कार्यकर्ताओं की मीटिंग पर्वेक्षक की निगरानी में मंत्री विधायक की उपस्थिति में होगा ।
(7) दिल्ली के सभी वोटर को WhatsApp ग्रूप में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है ताकि हम जनता से डायरेक्ट जुड़ सकें ।
(8) भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए कभी भी मुख्यमंत्री व् मंत्री से मिल सकते हैं ।
(9) संगठन सम्बन्धी किसी भी शिकायत या सुझाव हेतु हेल्पलाइन नम्बर व् ईमेल id जारी किया गया है ।
(10) हर महीने हर वार्ड में कार्यकर्ता परिवार के साथ एक साथ लंच करेंगे लेकिन लंच अपने घर से लेकर जायेंगे ।

जीएसटी व्यंग


01 जुलाई से लेडीज को गोलगप्पे खाने के लिए आधार कार्ड की जरूरत होगी।

₹50 रूपये से ज्यादा गोलगप्पे खाने पर पैन कार्ड दिखाना होगा और,
₹100/- रूपये से ज्यादा के गोलगप्पे खाने पर इंकमटैक्स विभाग जानकारी मांग सकता हैं ।

और तो और, जो लेडीज गोलगप्पे खाने के बाद मुफ्त में सूखी वाली पापड़ी मांगेगी उन्हें बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) वाला कार्ड
दिखाना अनिवार्य होगा।

सूचना का अधिकार


*RTI मलतब है सूचना का अधिकार - ये कानून हमारे देश में 2005 में लागू हुआ।जिसका उपयोग करके आप सरकार और
किसी भी विभाग से सूचना मांग सकते है।

*RTI से आप सरकार से कोई भी सवाल पूछकर सूचना ले सकते है।
*RTI से आप सरकार के किसी भी दस्तावेज़ की जांच कर सकते है।
*RTI  से आप दस्तावेज़ की प्रमाणित कापी ले सकते है।
*RTI से आप सरकारी कामकाज में इस्तेमाल सामग्री का नमूना ले सकते है।
*RTI से आप किसी भी कामकाज का निरीक्षण कर सकते हैं।
*RTI में कौन- कौन सी धारा हमारे काम की है।

*धारा 6 (1) - RTI का आवेदन लिखने का धारा है।
*धारा 6 (3) - अगर आपका आवेदन गलत विभाग में चला गया है। तो वह विभाग
इस को 6 (3) धारा के अंतर्गत सही विभाग मे 5 दिन के अंदर भेज देगा।
*धारा 7(5) - इस धारा के अनुसार BPL कार्ड वालों को कोई आरटीआई शुल्क नही देना होता।
*धारा 7 (6) - इस धारा के अनुसार अगर आरटीआई का जवाब 30 दिन में नहीं आता है
तो सूचना निशुल्क में दी जाएगी।
*धारा 18 - अगर कोई अधिकारी जवाब नही देता तो उसकी शिकायत सूचना अधिकारी को दी जाए।
*धारा 8 - इस के अनुसार वो सूचना RTI में नहीं दी जाएगी जो देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा हो या विभाग की आंतरिक जांच को प्रभावित करती हो।
*धारा 19 (1) - अगर आप
की RTI का जवाब 30 दिन में नहीं आता है।तो इस
धारा के अनुसार आप प्रथम अपील अधिकारी को प्रथम अपील कर सकते हो।
*धारा 19 (3) - अगर आपकी प्रथम अपील का भी जवाब नही आता है तो आप इस धारा की मदद से 90 दिन के अंदर दूसरी
अपील अधिकारी को अपील कर सकते हो।

*RTIकैसे लिखे?

इसके लिए आप एक सादा पेपर लें और उसमे 1 इंच की कोने से जगह छोड़े और नीचे दिए गए प्रारूप में अपने RTI लिख लें
...................................

सूचना का अधिकार 2005 की धारा 6(1) और 6(3) के अंतर्गत आवेदन।

सेवा में,

अधिकारी का पद / जनसूचना अधिकारी
विभाग का नाम.............

विषय - RTI Act 2005 के अंतर्गत .................. से संबधित सूचनाऐं।

अपने सवाल यहाँ लिखें।

1-..............................
2-...............................
3-..............................
4-..............................

मैं आवेदन फीस के रूप में 10रू का पोस्टलऑर्डर ........ संख्या अलग से जमा कर रहा /रही हूं।
या
मैं बी.पी.एल. कार्डधारी हूं। इसलिए सभी देय शुल्कों से मुक्त हूं। मेरा बी.पी.एल.कार्ड नं..............है।
यदि मांगी गई सूचना आपके विभाग/कार्यालय से सम्बंधित
नहीं हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम,2005 की धारा 6 (3) का संज्ञान लेते हुए मेरा आवेदन सम्बंधित लोकसूचना अधिकारी को पांच दिनों के
समयावधि के अन्तर्गत हस्तान्तरित करें। साथ ही अधिनियम के प्रावधानों के तहत
सूचना उपलब्ध् कराते समय प्रथम अपील अधिकारी का नाम व पता अवश्य बतायें।

भवदीय

नाम:....................
पता:.....................      
फोन नं:..................

हस्ताक्षर...................

ये सब लिखने के बाद अपने हस्ताक्षर कर दें।
*अब मित्रो केंद्र से सूचना मांगने के लिए आप 10 रु देते है और एक पेपर की कॉपी मांगने के 2 रु देते है।
*हर राज्य का RTI शुल्क अगल अलग है जिस का पता आप कर सकते हैं।
*जनजागृति के लिए जनहित में शेयर करे।
*RTI का सदउपयोग करें और भ्रष्टाचारियों की सच्चाई /पोल दुनिया के सामने लाईये।

जीएसटी और जिन्न


जीएसटी पीड़ित व्यापारी निराश हाल में समंदर किनारे भटक रहा था। तभी उसे पानी में तैरती एक बोतल दिखी। उसने बोतल उठाई और ढक्कन खोला।

फ़ौरन एक जिन्न प्रकट हुआ। बोला- "तुमने मुझे आजाद किया। लेकिन तुम्हारी पहली इच्छा पूरी कर सका, तभी मुझे मुक्ति मिलेगी। बोल क्या चाहिए?"

व्यापारी बोला- "मुझे जीएसटी समझा दो।"

जिन्न ने जादू से जीएसटी की किताब मंगाई। काफी देर उलट-पुलट के बाद रोने लगा।

व्यापारी हैरान। पूछा- "क्या हुआ"

जिन्न बोला- "मैं खुद ही नहीं समझ सका, तो तुझे क्या समझाऊं! अब फिर मुक्ति के लिए एक साल इंतजार करना होगा।"

"एक साल क्यों?" व्यापारी ने पूछा।

जिन्न- "मुझे एक साल में मुक्ति का एक ही मौका मिलता है। मुक्त करने वाले की पहली मांग पूरी करना जरूरी है। लेकिन देखो पांच साल में मेरे साथ कितना बुरा हुआ-



2014 में आजाद करने वाले ने पूछा था कि अच्छे दिन कब आएँगे, मैं बता नहीं पाया।

2015 में आजाद करने वाले ने पूछा था कि 15 लाख कब मिलेंगे? मैं नहीं बता पाया।

2016 में पूछा गया कि नोटबंदी से क्या लाभ हुआ, मैं यह भी नहीं बता नहीं पाया।

तुमने जीएसटी पूछकर 2017 ख़राब किया। देखूँ, अगले साल किस्मत में क्या लिखा है।"

रोता हुआ जिन्न वापस बोतल में घुस गया। व्यापारी ने उसके कहे मुताबिक बोतल में ढक्कन लगाकर समन्दर में फेंक दिया।

महामृत्युंजय मंत्र


ॐ त्र्यंबकं यजामहे,
 सुगंधिम् पुष्टिवर्धनं,
उर्वारूक मिवबंधनान्,
 मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

भारत के शासक




गुलाम वंश
1=1193 मुहम्मद  गौरी
2=1206 कुतुबुद्दीन ऐबक
3=1210 आराम शाह
4=1211 इल्तुतमिश
5=1236 रुकनुद्दीन फिरोज शाह
6=1236 रज़िया सुल्तान
7=1240 मुईज़ुद्दीन बहराम शाह
8=1242 अल्लाउदीन मसूद शाह
9=1246 नासिरुद्दीन महमूद
10=1266 गियासुदीन बल्बन
11=1286 कै खुशरो
12=1287 मुइज़ुदिन कैकुबाद
13=1290 शमुद्दीन कैमुर्स
1290 गुलाम वंश समाप्त्
(शासन काल-97 वर्ष लगभग )

खिलजी वंश
1=1290 जलालुदद्दीन फ़िरोज़ खिलजी
2=1296
अल्लाउदीन खिलजी
4=1316 सहाबुद्दीन उमर शाह
5=1316 कुतुबुद्दीन मुबारक शाह
6=1320 नासिरुदीन खुसरो  शाह
7=1320 खिलजी वंश स्माप्त
(शासन काल-30 वर्ष लगभग )

तुगलक  वंश
1=1320 गयासुद्दीन तुगलक  प्रथम
2=1325 मुहम्मद बिन तुगलक दूसरा
3=1351 फ़िरोज़ शाह तुगलक
4=1388 गयासुद्दीन तुगलक  दूसरा
5=1389 अबु बकर शाह
6=1389 मुहम्मद  तुगलक  तीसरा
7=1394 सिकंदर शाह पहला
8=1394 नासिरुदीन शाह दुसरा
9=1395 नसरत शाह
10=1399 नासिरुदीन महमद शाह दूसरा दुबारा सता पर
11=1413 दोलतशाह
1414 तुगलक  वंश समाप्त
(शासन काल-94वर्ष लगभग )

सैय्यद  वंश
1=1414 खिज्र खान
2=1421 मुइज़ुदिन मुबारक शाह दूसरा
3=1434 मुहमद शाह चौथा
4=1445 अल्लाउदीन आलम शाह
1451 सईद वंश समाप्त
(शासन काल-37वर्ष लगभग )

लोदी वंश
1=1451 बहलोल लोदी
2=1489 सिकंदर लोदी दूसरा
3=1517 इब्राहिम लोदी
1526 लोदी वंश समाप्त
(शासन काल-75 वर्ष लगभग )

मुगल वंश
1=1526 ज़ाहिरुदीन बाबर
2=1530 हुमायूं
1539 मुगल वंश मध्यांतर

सूरी वंश
1=1539 शेर शाह सूरी
2=1545 इस्लाम शाह सूरी
3=1552 महमूद  शाह सूरी
4=1553 इब्राहिम सूरी
5=1554 फिरहुज़् शाह सूरी
6=1554 मुबारक खान सूरी
7=1555 सिकंदर सूरी
सूरी वंश समाप्त,(शासन काल-16 वर्ष लगभग )

मुगल वंश पुनःप्रारंभ
1=1555 हुमायू दुबारा गाद्दी पर
2=1556 जलालुदीन अकबर
3=1605 जहांगीर सलीम
4=1628 शाहजहाँ
5=1659 औरंगज़ेब
6=1707 शाह आलम पहला
7=1712 जहादर शाह
8=1713 फारूखशियर
9=1719 रईफुदु राजत
10=1719 रईफुद दौला
11=1719 नेकुशीयार
12=1719 महमूद शाह
13=1748 अहमद शाह
14=1754 आलमगीर
15=1759 शाह आलम
16=1806 अकबर शाह
17=1837 बहादुर शाह जफर
1857 मुगल वंश समाप्त
(शासन काल-315 वर्ष लगभग )

ब्रिटिश राज (वाइसरॉय)
1=1858 लॉर्ड केनिंग
2=1862 लॉर्ड जेम्स ब्रूस एल्गिन
3=1864 लॉर्ड जहॉन लोरेन्श
4=1869 लॉर्ड रिचार्ड मेयो
5=1872 लॉर्ड नोर्थबुक
6=1876 लॉर्ड एडवर्ड लुटेनलॉर्ड
7=1880 लॉर्ड ज्योर्ज रिपन
8=1884 लॉर्ड डफरिन
9=1888 लॉर्ड हन्नी लैंसडोन
10=1894 लॉर्ड विक्टर ब्रूस एल्गिन
11=1899 लॉर्ड ज्योर्ज कर्झन
12=1905 लॉर्ड गिल्बर्ट मिन्टो
13=1910 लॉर्ड चार्ल्स हार्डिंज
14=1916 लॉर्ड फ्रेडरिक सेल्मसफोर्ड
15=1921 लॉर्ड रुक्स आईजेक रिडींग
16=1926 लॉर्ड एडवर्ड इरविन
17=1931 लॉर्ड फ्रिमेन वेलिंग्दन
18=1936 लॉर्ड एलेक्जंद लिन्लिथगो
19=1943 लॉर्ड आर्किबाल्ड वेवेल
20=1947 लॉर्ड माउन्टबेटन
ब्रिटिस राज समाप्त

🇮🇳आजाद भारत,प्राइम मिनिस्टर🇮🇳
1=1947 जवाहरलाल नेहरू
2=1964 गुलजारीलाल नंदा
3=1964 लालबहादुर शास्त्री
4=1966 गुलजारीलाल नंदा
5=1966 इन्दिरा गांधी
6=1977 मोरारजी देसाई
7=1979 चरणसिंह
8=1980 इन्दिरा गांधी
9=1984 राजीव गांधी
10=1989 विश्वनाथ प्रतापसिंह
11=1990 चंद्रशेखर
12=1991 पी.वी.नरसिंह राव
13=अटल बिहारी वाजपेयी
14=1996 ऐच.डी.देवगौड़ा
15=1997 आई.के.गुजराल
16=1998 अटल बिहारी वाजपेयी
17=2004 डॉ.मनमोहनसिंह
18=2014 से  नरेन्द्र मोदी

शोले के नये डायलॉग


अरे ओ सांभा !

काला धन आया क्या ?
नही सरदार कहते है आऐगा ।

गंगा साफ हुई क्या ?
नही सरदार कहते है 10 साल लगेंगे ।

राम मन्दिर बना क्या ?
नही सरदार कहते है केस सुप्रीम कोर्ट में है ।

स्मार्ट सिटी बनी क्या ?
नही सरदार कहते है अभी निवेश नही आया ।

2 करोड़ नौकरी मिली क्या ?
नही सरदार उल्टा जा रही हैं ।

स्वच्छ भारत हुआ क्या ?
नही सरदार चारो ओर गंदगी है ।

पाकिस्तान डरा क्या ?
नही सरदार उल्टा सैनिको के साथ बर्बरता कर रहा है ।

चीन घबराया क्या ?
नही सरदार उसने तो हमारे 6 शहरो के नाम बदल दिए ।

महंगाई कम हुई क्या ?
नही सरदार सब ज्यादा मंहगा है ।

डालर, पेट्रोल घटा क्या ?
नही सरदार सब के रेट बढ़ रहे है ।

जीडीपी बढ़ी क्या ?
नही सरदार और घट गई ।

किसान खुश हाल है क्या ?
नही सरदार मर रहे है ।

गांव तो गोद लिए है ना ?
नही सरदार ।

गौवध बन्द हुआ क्या ?
नही सरदार नार्थ ईस्ट, साऊथ और गोवा मे नही हो सकता ।

मोदी जी तो देश में है ना ?
नही सरदार विदेश दौरे पर है ।

विकास हुआ क्या ?
हाँ सरदार टी वी वाले दिखा रहे है बहुत विकास हुआ है।

बन्द हुये नोटों का हिसाब

मोदी जी खुद तो बंद हुए नोटों का हिसाब पांच महीने में नहीं दे पाए और व्यापारियों पर कानून थोप रहे हैं हर महीने पांच बार हिसाब देने का।
हिसाब नहीं देने पर जेल की सजा। ऐसी किसी सजा का प्रावधान रिज़र्व बैंक या सरकारी अधिकारियों के लिए क्यों नहीं? जिनको लाखों रूपये महीने की मोटी तनख्वाह चुकाने के बाद भी जनता को हिसाब नहीं दे रहे। व्यापारी तो लाख जोखिमों के साथ व्यापार करता है और देश की अर्थव्यवस्था को चलाता है।
मोदी जी जनता को जवाब क्यों नहीं देते?
आप तो खुद को जनता का  चोकीदार कहते है।

पतंग कभी नही कटती


इंसान कभी गलत नहीं होता,
              उसका वक़्त गलत होता है

मगर लोग इंसान को गलत कहते है
जैसे के.....
पतंग कभी नहीं कटती,

कटता तो सिर्फ धागा है
फिर भी लोग कहेते हे पतंग कट गयी"..!

नेता हिंदुस्तान के


आओ बच्चों तुम्हे दिखायें,
 शैतानी शैतान की... ।
नेताओं से बहुत दुखी है,
 जनता हिन्दुस्तान की...।।

बड़े-बड़े नेता शामिल हैं,
 घोटालों की थाली में ।
सूटकेश भर के चलते हैं,
 अपने यहाँ दलाली में ।।

देश-धर्म की नहीं है चिंता,
 चिन्ता निज सन्तान की ।
नेताओं से बहुत दुखी है,
 जनता हिन्दुस्तान की...।।

चोर-लुटेरे भी अब देखो,
 सांसद और विधायक हैं।
सुरा-सुन्दरी के प्रेमी ये,
 सचमुच के खलनायक हैं ।।

भिखमंगों में गिनती कर दी,
 भारत देश महान की ।
नेताओं से बहुत दुखी है,
 जनता हिन्दुस्तान की...।।

जनता के आवंटित धन को,
 आधा मंत्री खाते हैं ।
बाकी में अफसर ठेकेदार,
 मिलकर मौज उड़ाते हैं ।।

लूट खसोट मचा रखी है,
 सरकारी अनुदान की ।
नेताओं से बहुत दुखी है,
 जनता हिन्दुस्तान की...।।

थर्ड क्लास अफसर बन जाता,
फर्स्ट क्लास चपरासी है,
होशियार बच्चों के मन में,
 छायी आज उदासी है।।

गंवार सारे मंत्री बन गये,
 मेधावी आज खलासी है।
आओ बच्चों तुम्हें दिखायें,
 शैतानी शैतान की...।।

नेताओं से बहुत दुखी है,
 जनता हिन्दुस्तान की...।

सार्थक सोच


ज्यादा  कुछ  नही  बदलता  उम्र  बढ़ने  के  साथ,  बचपन  की  जिंद  समझोतों  मे  बदल  जाती  है

अच्छा स्वभाव वह खूबी है जो सदा के लिए सभी का प्रिय बना देता है। कितना भी किसी से दूर हो पर अच्छे स्वभाव के कारण आप किसी न किसी पल यादों में आ ही जाते हो। इसलिए स्वभाव भी इंसान की अपनी कमाई हुयी सबसे बड़ी दौलत है।

सबसे बड़ा घोटाला

आज़ाद भारत में अबतक का सबसे बड़ा घोटाला नोट बन्दी में हुआ, परिणाम विकास दर 8% से घटकर 6% हो गई, जो जानकार है उन्हें पता 2% कमी बहुत बड़ी होती है।। दुनिया कोई देश इस कमी को मुश्किल से झेल पाता है,

अब उससे भी बड़ी लूट का प्लान इस प्रकार होने वाला है,,
एक नजर

जीएसटी रेट दुनिया भर में
.
ऑस्ट्रेलिया ----10%
बहरीन ----- -----5%
कनाडा ---- -----15%
चीन --------------17%
जापान --- -------8%
कोरिया --- ------10%
कुवैत------ -----5%
मलेशिया --- ----6%
मारिसस--- -----15%
मेक्सिको --- ----16%
म्यामार ----------3%
न्यूजीलैंड--- ----15%
फिलीपीन्स-- ---12%
रशियां( fed)-18%
सिंगापुर-------- 7%
साउथ अफ्रीका-14%
थाईलैंड ------ ---7%
यूएइ -------------5%
अमेरिका(यूएसए).7.5%
वियतनाम ------10%
जिम्बाबे ---- ----15%
महान भारत - 28 % तक
जिसमें से पट्रोल को बाहर रख्खा गया है क्यों कि इसपे पहले से 50% लूट की जा रही है जीएसटी में शामिल कर क्यों सरकार 22 % अपनी आमदनी कम करे ?
विशेष - सरदार मनमोहन सिंह सरकार अधिकातम 14 % टेक्स पे जीएसटी ला रही थी जिसका बीजेपी ने भरपूर विरोध कर 5 साल रोके रख्खा ताकि 28% कि लूट कर सके।

किसान की समस्या

किसान अपनी समस्याओं को ले कर जब नुक्कड़-चौराहों पर धरने देते थे तब मीडिया वाले किसानों की फ़ोटो अख़बार के फ्रंट पेज पर छापते थे।
आज जब किसान 11,000 रूपये/क्विंटल के चने ख़रीद कर बोता है और मण्डी में 4,500 या 5,000 रूपये/क्विंटल में अपनी उपज बेचता है तो सारे मीडिया वाले अख़बारों में केवल "सबका साथ,सबका विकास" ही छापते हैं
कुछ तो शर्म करो आपको लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माना जाता है
अगर पंचायत सचिव को वेतन बढ़वाना हो तो हड़ताल करवा कर वेतन बढ़ा लेते हैं,पटवारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाता है तो हड़ताल करा के अपनी मांगें मनवा लेते हैं
विधायक और सांसद अपने आप ही वेतन बढ़ा लेते हैं,शिक्षक स्कूलों में ना जा कर अपनी मांगें मनवा लेते हैं
और किसान जब फ़सल बेचने मण्डी में जाता है तो व्यापारियों द्वारा हाथ में चेक थमा कर कह दिया जाता है कि,बैंक में चले जाओ और बैंक का अधिकारी कहता है कि, 10-20 दिन बाद आना
बेचारा किसान किसी दूसरे के ट्रैक्टर से यदि अपनी उपज बेचने ले जाता है तो उसे मण्डी तक का किराया-भाड़ा भी किसी पैसे वाले से उधार ले कर चुकाना पड़ता है
यदि ट्रैक्टर की किश्त भरने में चार दिन की ही देरी कर दी तो बैंक वाले पेनल्टी(लेट फ़ीस) का हवाला दे कर ग़रीब किसान से मोटी रकम वसूल लेते हैं।

इस देश में किसान का नाम जवान के साथ जोड़ा जाता है और दोनों की हालत आपके और हमारे सामने हैं।

संघर्ष ही इंसान को जीना सिखाता है


कोई फरिश्ता तुम्हारे आंसू पौंछने नहीं आएगा,
  कोई फरिश्ता तुमको ऊँगली पकड़ के सफलता तक नहीं ले जायेगा।
       अगर कोई इंसान आपकी मदद कर सकता है तो वो हैं आप खुद।        
       आप ही वो इंसान है जो खुद को सबसे बेहतर तरीके से जानते हैं।
 खुद को मरने मत दीजिये .
      अपने अंदर के जोश को ठंडा मत होने दीजिये।

चील की ऊँची उड़ान


चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी डिप्रेशन में नहीं आती,
वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है,
मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं।
तुलना से बचें और खुश रहें।
ना किसी से ईर्ष्या , ना किसी से कोई होड़..!!!
मेरी अपनी हैं मंजिलें , मेरी अपनी दौड़..!!!

किसान खेत में मरता है


यदि किसानों ने खेती
          करना छोड़ दिया तो
           तपस्वियों का तप।
         उद्योगपतियों के कारखाने।
           नेताओं के भाषण।
           और देश का विकास।
      सब धरे के धरे रह जाएंगे।।

2008 में सरकारी टीचर का वेत्तन 30000 रुपये
2016 में वेतन ₹50,000/-

2008 में किसान के गेहूँ की कीमत 1300 रुपये  2016 में ₹1,500/-

2008 में कपास ₹3,500/-
2016 में ₹4,500/-

विधायक का वेतन
2008 में ₹60,000/-
2016 में ₹1,25,000/-

2008 में मक्का ₹1,000/-
2016 में ₹1,200/-

ज्वार 2008 मे ₹1,200/-
2016 में ₹1,400/-

दूसरी ओर कीटनाशकों के दाम डबल

डी ए पी
2008 में ₹450/-
2016 में ₹1,250/-

पोटाश
2008 में ₹400/- से ₹900/-
सुपर
2008 में ₹150/- से 2016 में ₹300/-

  किसान खेत में मरता है और
किसान का बेटा फौज में,
नेता देश में ऐश करता है
उसका बेटा विदेश में।।

स्वतंत्रता आंदोलन से सम्बंधित आंदोलन एवं वर्ष


1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना
►-1885 ई.
2. बंग-भंग आंदोलन(स्वदेशी आंदोलन)
►-1905 ई.
3. मुस्लिम लीग की स्थापना
►-1906 ई.
4.कांग्रेस का बंटवारा
►-1907 ई.
5. होमरूल आंदोलन
1916 ई.
6. लखनऊ पैक्ट
►-दिसंबर 1916 ई.
7. मांटेग्यू घोषणा
►-20 अगस्त 1917 ई.
8. रौलेट एक्ट
►-19 मार्च 1919 ई.
9. जालियांवाला बाग हत्याकांड
►-13 अप्रैल 1919 ई.
10. खिलाफत आंदोलन
►-1919 ई.
11. हंटर कमिटी की रिपोर्ट प्रकाशित
►-18 मई 1920 ई.
12. कांग्रेस का नागपुर अधिवेशन
►-दिसंबर 1920 ई.
13. असहयोग आंदोलन की शुरुआत
►-1 अगस्त 1920 ई.
14. चौरी-चौरा कांड
►-5 फरवरी 1922 ई.
15. स्वराज्य पार्टी की स्थापना
►-1 जनवरी 1923 ई.
16. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
►-अक्टूबर 1924 ई.
17. साइमन कमीशन की नियुक्ति
►-8 नवंबर 1927 ई.
18. साइमन कमीशन का भारत आगमन
►-3 फरवरी 1928 ई.
19. नेहरू रिपोर्ट
►-अगस्त 1928 ई.
20. बारदौली सत्याग्रह
►-अक्टूबर 1928 ई.
21. लाहौर पड्यंत्र केस
►-8 अप्रैल 1929 ई.
22. कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन
दिसंबर 1929 ई.
23. स्वाधीनता दिवस की घोषणा
►-2 जनवरी 1930 ई.
24. नमक सत्याग्रह
►-12 मार्च 1930 ई. से 5 अप्रैल 1930 ई. तक
25. सविनय अवज्ञा आंदोलन
►-6 अप्रैल 1930 ई.
26. प्रथम गोलमेज आंदोलन
►-12 नवंबर 1930 ई.
27. गांधी-इरविन समझौता
►-8 मार्च 1931 ई.
28.द्वितीय गोलमेज सम्मेलन
►-7 सितंबर 1931 ई.
29. कम्युनल अवार्ड (साम्प्रदायिक पंचाट)
►-16 अगस्त 1932 ई.
30.पूना पैक्ट
►-सितंबर 1932 ई.
31. तृतीय गोलमेज सम्मेलन
►-17 नवंबर 1932 ई.
32. कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन
►-मई 1934 ई.
33. फॉरवर्ड ब्लाक का गठन
►-1 मई 1939 ई.
34. मुक्ति दिवस
►-22 दिसंबर 1939 ई.
35. पाकिस्तान की मांग
►-24 मार्च 1940 ई.
36. अगस्त प्रस्ताव
►-8 अगस्त 1940 ई.
37. क्रिप्स मिशन का प्रस्ताव
►-मार्च 1942 ई.
38. भारत छोड़ो प्रस्ताव
►-8 अगस्त 1942 ई.
39. शिमला सम्मेलन
►-25 जून 1945 ई.
40. नौसेना का विद्रोह
►-19 फरवरी 1946 ई.
41. प्रधानमंत्री एटली की घोषणा
►-15 मार्च 1946 ई.
42. कैबिनेट मिशन का आगमन
►-24 मार्च 1942 ई.

वक्त


“दुनिया का सबसे अच्छा तोहफा “वक्त” है।
                क्योंकी,
जब आप किसीको अपना वक्त देतें है,
तो आप उसे अपनी “जिंदगी” का वह पल देतें हैं,
जो कभी लौटकर नहीं आता…

मुख्यमन्त्री का धरना


जब दिल्ली मे केजरीवाल ने मुख्यमंत्री रहते हुए धरना देना शुरू किया था, तो   भाजपा ने कहा की मुख्यमंत्री एक संवैधानिक पद है जिस पर रहते हुए धरना नही दिया जा सकता।
तो फिर क्या मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री पद या अन्य राज्यो के मुख्यमंत्री पद असंवैधानिक है, जो वह धरना दे रहे है?

गर्मी के देशी ड्रिंक्स


गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कोल्ड ड्रिंक या सोडा पीने के बजाय नेचुरल चीजों से बने ड्रिंक्स पीने की सलाह डॉक्टर्स भी देते हैं। इसमें डाले जाने वाले अलग-अलग मसालों से न सिर्फ टेस्ट बढ़ता है, बल्कि हेल्थ के लिए भी यह फायदेमंद है। हम बता रहे हैं ऐसे ही 11 देसी ड्रिंक्स के बारे में। बनाना हे बहुत आसान।

(1)आम का पना

कच्चे आम का पना गर्मी में लू से बचने का बेस्ट ऑप्शन है। इसमें विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे आपको तुरंत एनर्जी मिलती है।

*कैसे बनाएं

कच्चे आम (कैरी) को छिलकर उबाल लें। इसमें काला नमक, पुदीना, शक्कर डालकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। इसे गिलास में निकालें और बर्फ के टुकड़े डालकर सर्व करें।

(2)शिकंजी

गर्मी में शिकंजी पीने से आपको तुरंत एनर्जी मिलती है। शिकंजी इस मौसम में होने वाली डलनेस को दूर करेगी। इसे बनाकर कुछ दिन तक फ्रिज में रखा जा सकता है।

*कैसे बनाएं

एक जग में पानी लें। उसमें नींबू का रस, जीरा पाउडर, काला नमक और शक्कर मिला लें। अब शिकंजी को छलनी से छालकर गिलास में डालें और बर्फ के टुकड़े मिलाकर सर्व करें।

(3)मैंगो मिंट लस्सी

आम और पुदीने से बनी लस्सी गर्मी में आपको फ्रेश रखेगी। इस एनर्जेटिक ड्रिंक को बनाकर तुरंत सर्व करें।

*कैसे बनाएं

आम, शक्कर, पुदीना, इलायची पाउडर, नींबू का रस और दही को मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। आम के स्मूद हो जाने पर इसे गिलास में निकालें और बर्फ डालकर सर्व करें।

(4)पुदीने का शर्बत

पुदीने का शर्बत गर्मी में डिहाइड्रेशन और लू से बचाता है। यह डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रखता है।

*कैसे बनाएं
ब्लेंडर में पुदीना, शक्कर या गुड़, शहद, काला नमक, कालीमिर्च और जीरा पाउडर मिलाकर पीस लें। इस पेस्ट की कम मात्रा को पानी के साथ मिलाकर गिलास में डालें और बर्फ मिलाकर सर्व करें।

(5)छाछ

इसे पीने से पेट की जलन और एसिडिटी दूर होती है। छाछ पीने से वेट लॉस होता है और डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रहता है।

*कैसे बनाएं

दही में नमक, काला नमक, जीरा पाउडर और हींग मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। इसमें बर्फ मिलाकर गिलास में डालें और सर्व करें।

(6)गुलाब का शर्बत

इस शर्बत को पीने से पेट की जलन दूर होती है। यह बॉडी को कूल रखता है।

*कैसे बनाएं

एक पैन में पानी और शक्कर मिलाकर चाश्नी बना लें। इसमें गुलाब जल, इलायची पाउडर और ताजी गुलाब की पत्तियों का पेस्ट डालें। इसे छानकर फ्रिज में रख दें। सर्व करते समय इस शर्बत को पानी के साथ मिलाकर बर्फ डालें और सर्व करें।

(7)जलजीरा

इसे पीने से एसिडिटी और डिहाइड्रेशन दूर होता है। जलजीरा गर्मी से राहत पाने का बेहतर ऑप्शन है।

*कैसे बनाएं

पानी में जीरा पाउडर, काला नमक, अमचूर पाउडर, नींबू का रस, थोड़ी सी शक्कर और पुदीने की पत्तियों का पेस्ट मिला लें। इसे बर्फ के टुकड़े मिलाकर सर्व करें।

(8)ऐलोवेरा जूस

यह जूस गर्मी से होने वाली स्किन टैनिंग को दूर करने में मददगार है। यह डाइजेस्टिव सिस्टम को इंप्रूव करता है। इसे पीने से तुरंत एनर्जी मिलती है और गर्मी में भी स्किन का ग्लो बरकरार रहता है।

*कैसे बनाएं

एलोवेरा के कांटेदार किनारे हटा दें। इसकी पत्तियों के बीच जमा गूदा निकालें। इसे मिक्सी में डालकर लेमन या ऑरेंज जूस और नमक मिलाकर पीस लें और बर्फ के टुकड़े डालकर सर्व करें।

(9)बेल का शर्बत

गर्मी में इसे अमृत के समान माना गया है। यह डायरिया को दूर करने में मददगार है। डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक रखता है और लू से बचाता है।

*कैसे बनाएं

बेल के फल का गूदा निकालकर अच्छी तरह मैश कर दें। इसमें शक्कर, काला नमक, जीरा पाउडर और चाट मसाला मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। इसे बर्फ मिलाकर सर्व करें।

(10)इमली का अमलाना

गर्मी से बचने के लिए इमली से बने इस राजस्थानी ड्रिंक को पीजिए। लू से राहत पाने का यह इफेक्टिव तरीका है।

*कैसे बनाएं

इमली और पानी मिलाकर दो घंटे के लिए रख दें। मिश्रण को छानकर इसमें शक्कर, कालीमिर्च पाउडर, इलायची पाउडर, काला नमक, सादा नमक, बर्फ और पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसे गिलास में डालें और सर्व करें।

(11)गुणों से भरपूर है गन्ने का रस, जानिए इसके फायदे!!
*भारत में सबसे ज्यादा गन्ना उगाया जाता है। गन्ने के रस से ज्यादा पोषक और स्वस्थ रखने वाला कोई और रस नहीं हो सकता। अगर आप दिर-भर की थकान को दूर करने के लिए एक गिलास गन्ने का रस पीएगें तो आपको स्वाद भरी ताजगी मिल जाएगी।
गन्ने का रस में सेहत के लिए बहुत गुणकारी है। यह रस विटामिन A, C, B1, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, और कॉपर से भरपूर होता है। इसे पीने से हड्डियां मजंबूत बनती हैं और दांतों की समस्या भी कम होती है। जानिए कि कैसे गन्ने का रस दूर करता है इन बिमारीयों से??
*गन्ने का रस पीने से होंगे ये सब फायदे:
*कैंसर से बचाव करता है
गन्ने के रस में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन और मैंगनीज जैसे तत्व अच्छी मात्रा में हैं जो शरीर को कैंसर जैसी बिमारी से लड़ने के लिए सहायक होता हैं।
*मुहांसों से छुटकारा
गन्ने का रस पीने से त्वचा को अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड मिलता है जो मुहांसे दूर करने और सेहतमंद त्वचा के लिहाज से फायदेमंद है।
*किडनी के लिए फायदेमंद
गन्ने के रस में प्रोटीन अच्छी मात्रा में है। इसमें नींबू और नारियल पानी मिलाकर पीने से किडनी की युरीन इन्फेक्शन, एसटीडी और पत्थर जैसी समस्याएं दूर होती है।
*पाचनतंत्र के लिए फायदेमंद
गन्ने का रस पाचन तंत्र के साथ-साथ पेट की बीमारियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है क्योकि इसमें पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है। इसे पीने से कब्ज की समस्या भी दूर होती है।
*नाखूनों में आती है चमक
यह रस पीने से नाखूनों पर से सफेद धब्बे हटाते है और नाखून चमकदार होते हैं क्योकि इसमें पोषक तत्व हैं जिससे आपके नाखूनों की सेहत की भरपाई हो जाती है।
*दिल के रोगों से कहता है बचाव
गन्ने का रस शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड के लेवल को गिरता है जिससे धमनियों में फैट नहीं जमता और दिल के रोगों जैसी बिमारीयों से बचाव रखता है।
*मोटापा होता है कम
यह रस आपके शरीर में खराब कॉलेस्ट्रोल को कम करके आपको मोटापे से बचाता है।
*शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंगद
गन्ने का रस पीने से मधुमेह रोगियों को बहुत फायदा होता है क्योकि यह मीठा और प्राकृतिक शुगर से भरपूर होता है।
*त्वचा में ग्लो आती है
यह रस त्वचा संबंधित परेशानियों को दूर करता है और स्किन में कसाव लेकर आता है। इस रस को त्वचा पर लगा कर धोने के बाद त्वचा खिली-खिली और साफ नजर आती है!!**

बड़े सपने


बड़े सपनो को पाने वाले हर व्यक्ति को सफलता और असफलता के कई पड़ावों से गुजरना पड़ता है
     
  *  पहले लोग मजाक उड़ाएंगे,
  *  फिर लोग साथ छोड़ेंगे,
  *  फिर विरोध करेंगे

फिर वही लोग कहेंगे हम तो पहले से ही जानते थे की एक न एक दिन तुम कुछ बड़ा करोगे

रख हौंसला वो मंज़र भी आयेगा;
प्यासे के पास चलकर समंदर भी आयेगा..!
थक कर ना बैठ, ऐ मंजिल के मुसाफ़िर,
मंजिल भी मिलेगी और जीने का मजा भी आयेगा!

प्रोटीन युक्त दही हे बहुत फायदेमन्द


लू से बचने के लिए दही का प्रयोग किया जाता है। लू लगने पर दही पीना चाहिए।
दही पीने से पाचन क्षमता बढती है और भूख भी अच्छे से लगती है।
सर्दी और खांसी के कारण सांस की नली में इन्फेक्शन हो जाता है। इस इंफेक्शन से बचने के लिए दही का प्रयोग करना चाहिए।
मुंह के छालों के लिए यह बहुत ही अच्छा घरेलू नुस्खा है। मुंह में छाले होने पर दही से कुल्ला करने पर छाले समाप्त हो जाते हैं।
दही के सेवन से हार्ट में होने वाले कोरोनरी आर्टरी रोग से बचाव किया जा सकता है।
दही के नियमित सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रोल को कम किया जा सकता है।
गर्मी के मौसम में दही और उससे बनी छाछ का ज्यादा मात्रा में प्रयोग किया जाता है। क्योंकि छाछ और लस्सी पीने से पेट की गर्मी शांत होती है।
दही का रोजाना सेवन करने से शरीर की बीमारियों से लडने की क्षमता बढती है।
दही कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो कि हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
दही खाने से दांत भी मजबूत होते हैं।
दही ऑस्टियोपोरोसिस (जोडों की बीमारी) जैसी बीमारी से लड़ने में भी मददगार होती है।
दही पाचन क्रिया को दुरुस्‍त रखने में मदद करता है।
दही में प्रचुर मात्रा में पोटेशियम और कैल्शियम होता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी होता है दही।
बालों के लिए दही है एक कारगर व उपयोगी कंडीशनर।

नया रिवाज



हम लोग जब किसी की शादी के रिसेप्शन में जाते है तो लिफाफा (कवर) शगुन के रूप में जरूर देते है पर जब अपना कोई अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहा होता और हम देखने जाते है तब कोई लिफाफा हम नही ले जाते जबकि जबकि उस वक्त मरीज़ को सबसे ज्यादा
पैसों की जरूरत होती है।
क्या हम सब मिल कर एक नया रिवाज़ सहयोग के रूप में शुरू कर सकते है।

सीबीआई का दुरूपयोग


कल तक CBI को सरकार का तोता बोलने वाले लोग जब ख़ुद सरकार में आये तो किस तरह CBI का दुरुपयोग कर रहे हैं !
NDTV की एंकर निधि ने संबित पात्रा को अपने लाइव शो से क्या भयागा, सरकार ने तो बदला लेने की सब हदें पार करके NDTV के मालिक के घर पर CBI का छापा ही डलवा दिया !
शर्मनाक.......बेहद शर्मनाक
जो 100 करोड की फिरौती में तिहाड जेल काट के लौटा है उसे तो Y कैटेगरी की सुरक्षा और जो चैनल आपसे सवाल करे उसके घर पर CBI छापा !
वाह भाजपा सरकार।

अनार खाने के फायदे


(1) बुढापा आने से बचाए। बहुत कम लोग ही इस तथ्य से परिचित हैं कि अनार एंटीऑक्सीडेंट का बहुत ही अच्छा स्रोत है। इसलिए यह शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाता है, जिससे आप वक्त से पहले बूढ़े नहीं दिखते।
(2) प्राकृतिक ब्लड थीनर। खून दो तरह से जमते हैं। पहला तो कटने या जलने की स्थिति में खून जमता है, जिससे खून का बहाव रुक जाता है। वहीं दूसरे तरह का खून आंतरिक रूप से जमता है, जो बहुत ही खतरनाक होता है। अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण खून के लिए वही काम करता है, जो पेट के लिए थीनर करता है। यह शरीर में खून को जमने या थक्का बनने से रोकता है।
(3) एथेरॉसक्लेरॉसिस से रोकता है।
बढ़ती उम्र और गलत खानपान से रक्तवाहिनी की दीवार कोलेस्ट्रोल व अन्य चीजों से कठोर हो जाती है, जिससे रक्त के बहाव में अवरोध पैदा होता है। अनार का एंटीऑक्सीडेंट गुण कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन और कोलेस्ट्रोल को ऑक्सीडाइजिंग से रोकता है।
(4) अनार करता है ऑक्सीजन मास्क की तरह काम।
साधारण शब्दों में कहें तो अनार का जूस खून में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाता है। इसका एंटीऑक्सीडेंट कोलेस्ट्रोल को कम करता है, फ्री रेडिकल्स से बचाता है और खून का थक्का बनने से रोकता है।
(5) गठिया रोग से रोकथाम।
अनार गठिया रोग से पीड़ित व्यक्ति के कार्टिलेग को नुकसान पहुंचने से बचाता है। यह फल कार्टिलेग को नष्ट करने वाले एंजाइम से लड़ता है और जलन और सूजन से भी सुरक्षा प्रदान कराता है।

लीची खाने के स्वास्थ्य लाभ


*लीची मे बहुत सारा बीटा कैरोटीन और ओलीगोनोल होता है जो दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखता है।
*अगर आपका गला दर्द हो रहा हो या आपको ठंड लग गई हो, तो आप तुरंत लीची का सेवन कर के आराम पा सकते हैं।
*इस सीजन में लीची का सेवन जरुर करें।
*लीची पाचन को ठीक कर के कब्‍ज से बचाती है। साथ में असमय पड़ने वाली झुर्रियों से भी दूर रखती है।
*लीची खाने का यह एक अच्‍छा फायदा है। यह कैलोरी में कम होती है जिससे वेट नहीं बढता।
*लीची में पाए जाने वाले कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम बच्चों के शारीरिक गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये मिनरल्स हड्डियों में विकार आने वाली बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद करते हैं।
अगर आपको अपना पेट दुरुस्‍त रखना है तो आप लीची का सेवन कर सकते हैं।

पालक स्मरण शक्ति बढ़ाने वाला आहार


*पालक स्मरण शक्ति बढ़ाने वाला आहार*

*पालक यूँ तो कोई भी हरी पत्तेदार शाक या सब्जी आपकी सेहत के लिए बहुत हीं फायदेमंद होती है लेकिन अगर स्मरण शक्ति या दिमाग तेज करने के लिए आहार की बात की जाये तो पालक सर्वोतम आहारों में से एक माना जाता है।
*पालक में विटामिन बी 9 प्रचूर मात्रा में पाया जाता है जिसे फोलेट या फोलिक एसिड के नाम से भी जाना जाता है। इस विटामिन की कमी के कारण मष्तिष्क सम्बन्धी कई विकार उत्पन्न होने लगते हैं जैसे अवसाद, माईग्रेन, डिप्रेशन, तनाव, स्मरण शक्ति का ह्रास होना इत्यादि। इस विटामिन की कमी से तंत्रिका सिस्टम सम्बन्धी कई रोग उत्पन्न होने लगते है।
*अगर आप नियमित रूप से पालक का सेवन करते हैं तो आपको डिप्रेशन या अवसाद नहीं घेरेगा तथा आपकी स्मरण शक्ति तेज होगी।
*विटामिन बी 9 के अलावा पालक में विटामिन बी 2 और विटामिन बी 6 भी पाए जाते हैं जो आपके दिमाग को तेज करते हैं एवं सोचने समझने की शक्ति को बढाते हैं।
*पालक में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स भी प्रचूर मात्रा में होते हैं जो इंसान के मस्तिष्क के लिए बहुत हीं जरुरी एवं फायदेमंद होते हैं ।
*इनसे आपकी स्मरण शक्ति, तर्क करने की शक्ति एवं एकाग्रता बढती है। इसके सेवन से आप किसी भी काम में ध्यान लगा पाते हैं।
*जो लोग शाकाहारी हैं यानि मछली नहीं खाते उनके लिए तो पालक खाना बेहद ही जरुरी है ताकि उन्हें पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स मिल सके।
*पालक में अन्य जरुरी विटामिन्स जैसे विटामिन ए, के, इ, सी, तथा जरुरी खनिज जैसे जिंक, मैगनिसियम , कैल्सियम इत्यादि भी पाए जाते हैं।
*इसलिए नियमित रूप से पालक का सेवन करें।
*सावधानी* जिन लोगों को गुर्दे की पथरी की अथवा गुर्दे की कोई अन्य समस्या है उन्हें पालक का सेवन नहीं करना चाहिए।**

समय न लगाओ तय करने में


'समय' न लगाओ तय करने में,
                   आपको क्या करना है.
वरना 'समय' तय कर लेगा कि,
                   आपका क्या करना है.. .

    पैसा  एक  ही  भाषा  बोलता  है,
अगर तुमने "आज" मुझे बचा लिया तो..
"कल"  मै तुम्हे  बचा  लूंगा

"पैसा फिर कहता है,
         भले मैं उपर साथ नहीं जाऊंगा
 पर जब तक मै नीचे हूँ
         तुझे बहुत उपर लेके जाऊंगा.."

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय का अहम फैसला


फैसला "सुप्रीम कोर्ट" का.....

सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अगर पत्नी सास-ससुर से अलग रहने की जिद करे तो पति दे सकता है तलाक....... ! !
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                 सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई महिला अपने पति को उसके बूढ़े मां-बाप से अलग रहने को मजबूर करती है तो उसे उसका पति तलाक दे सकता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि हिन्दू लॉ के मुताबिक कोई भी महिला किसी भी बेटे को उसके मां-बाप के प्रति पवित्र दायित्वों के निर्वहन से मना नहीं कर सकती है।

जस्टिस अनिल आर दवे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की खंडपीठ ने कहा कि एक महिला शादी के बाद पति के परिवार की सदस्य बन जाती है। वह इस आधार पर उस परिवार से अपने पति को अलग नहीं कर सकती है कि वो अपने पति की आय का पूरा उपभोग नहीं कर पा रही है।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि माता-पिता से अलग रहने की पश्चिमी सोच हमारी सभ्यता-संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है। कोर्ट ने कर्नाटक की एक दंपत्ति के तलाक की अर्जी को मंजूरी देते हुए ये टिप्पणी की है।

सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट में लिखा है, भारत में हिन्दू परिवारों में न तो यह सामान्य बात है और न ही प्रचलन में है कि कोई भी बेटा अपनी पत्नी के कहने पर शादी के बाद बूढ़े मां-बाप को छोड़ दे। खासकर तब, जब बेटा ही परिवार में एकमात्र कमाऊ सदस्य हो।

एक बेटे को उसके मां-बाप ने न केवल जन्म दिया बल्कि पाल-पोसकर उसे बड़ा किया, पढ़ाया, लिखाया। अब उसकी नौतिक और कानूनी जिम्मेवारी बनती है कि वह बूढ़े मां-बाप की देखभाल करे। खासकर तब जब उनकी आय या तो बंद हो गई है या कम हो गई है।

जी एस टी आइटम के टैक्स रेट


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गेहूं, चावल, दूसरे अनाज, आटा, मैदा, बेसन, चूड़ा, मूड़ी (मुरमुरे), खोई, ब्रेड, गुड़, दूध, दही, लस्सी, खुला पनीर, अंडे, मीट-मछली, शहद, ताजी फल-सब्जियां, प्रसाद, नमक, सेंधा/काला नमक, कुमकुम, बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, पान के पत्ते, गर्भनिरोधक, स्टांप पेपर, कोर्ट के कागजात, डाक विभाग के पोस्टकार्ड/लिफाफे, किताबें, स्लेट-पेंसिल, चॉक, समाचार पत्र-पत्रिकाएं, मैप, एटलस, ग्लोब, हैंडलूम, मिट्टी के बर्तन, खेती में इस्तेमाल होने वाले औजार, बीज, बिना ब्रांड के ऑर्गेनिक खाद, सभी तरह के गर्भनिरोधक, ब्लड, सुनने की मशीन।

5% GST Rates Items
ब्रांडेड अनाज, ब्रांडेड आटा, ब्रांडेड शहद, चीनी, चाय, कॉफी, मिठाइयां, "खाद्य तेल", स्किम्ड मिल्क पाउडर, बच्चों के मिल्क फूड, रस्क, पिज्जा ब्रेड, टोस्ट ब्रेड, पेस्ट्री मिक्स, प्रोसेस्ड/फ्रोजन फल-सब्जियां, पैकिंग वाला पनीर, ड्राई फिश, न्यूजप्रिंट, ब्रोशर, लीफलेट, राशन का केरोसिन, रसोई गैस, झाडू, क्रीम, "मसाले", जूस, साबूदाना, जड़ी-बूटी, लौंग, दालचीनी, जायफल, जीवन रक्षक दवाएं, स्टेंट, ब्लड वैक्सीन, हेपेटाइटिस डायग्नोसिस किट, ड्रग फॉर्मूलेशन, क्रच, व्हीलचेयर, ट्रायसाइकिल, लाइफबोट, हैंडपंप और उसके पार्ट्स, सोलर वाटर हीटर, रिन्यूएबल एनर्जी डिवाइस, ईंट, मिट्टी के टाइल्स, साइकिल-रिक्शा के टायर, कोयला, लिग्नाइट, कोक, कोल गैस, सभी ओर (अयस्क) और कंसेंट्रेट, राशन का केरोसिन, रसोई गैस।

12% GST Rates Items
 नमकीन, भुजिया, "बटर ऑयल, घी", मोबाइल फोन, ड्राई फ्रूट, फ्रूट और वेजिटेबल जूस, सोया मिल्क जूस और दूध युक्त ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड/फ्रोजन मीट-मछली, अगरबत्ती, कैंडल, आयुर्वेदिक-यूनानी-सिद्धा-होम्यो दवाएं, गॉज, बैंडेज, प्लास्टर, ऑर्थोपेडिक उपकरण, टूथ पाउडर, सिलाई मशीन और इसकी सुई, बायो गैस, एक्सरसाइज बुक, क्राफ्ट पेपर, पेपर बॉक्स, बच्चों की ड्रॉइंग और कलर बुक, प्रिंटेड कार्ड, चश्मे का लेंस, पेंसिल शार्पनर, छुरी, कॉयर मैट्रेस, एलईडी लाइट, किचन और टॉयलेट के सेरेमिक आइटम, स्टील, तांबे और एल्यूमीनियम के बर्तन, इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल और पार्ट्स, खेल के सामान, खिलौने वाली साइकिल, कार और स्कूटर, आर्ट वर्क, मार्बल/ग्रेनाइट ब्लॉक, छाता, वाकिंग स्टिक, फ्लाईएश की ईंटें, कंघी, पेंसिल, क्रेयॉन।

18% GST Rates Items
हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट, कॉर्न फ्लेक्स, पेस्ट्री, केक, जैम-जेली, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड, शुगर कन्फेक्शनरी, फूड मिक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स कंसेंट्रेट, डायबेटिक फूड, निकोटिन गम, मिनरल वॉटर, हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट, कॉयर मैट्रेस, कॉटन पिलो, रजिस्टर, अकाउंट बुक, नोटबुक, इरेजर, फाउंटेन पेन, नैपकिन, टिश्यू पेपर, टॉयलेट पेपर, कैमरा, स्पीकर, प्लास्टिक प्रोडक्ट, हेलमेट, कैन, पाइप, शीट, कीटनाशक, रिफ्रैक्टरी सीमेंट, बायोडीजल, प्लास्टिक के ट्यूब, पाइप और घरेलू सामान, सेरेमिक-पोर्सिलेन-चाइना से बनी घरेलू चीजें, कांच की बोतल-जार-बर्तन, स्टील के ट-बार-एंगल-ट्यूब-पाइप-नट-बोल्ट, एलपीजी स्टोव, इलेक्ट्रिक मोटर और जेनरेटर, ऑप्टिकल फाइबर, चश्मे का फ्रेम, गॉगल्स, विकलांगों की कार।

28% GST Rates Items
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श्री रामचरितमानस की 8 दिव्य चौपाइयां

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